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1st Bihar Published by: First Bihar Updated Sat, 04 Oct 2025 10:01:07 AM IST
प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google
Bihar News: बिहार में मानसून की विदाई के बीच बाढ़ का खतरा फिर से सिर उठा रहा है। नालंदा जिले के हिलसा प्रखंड में पिछले दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने लोकायन नदी को उफान पर ला दिया है। शुक्रवार दोपहर धुरी बिगहा गांव के पास नदी के पश्चिमी तटबंध में करीब 50 फीट का गहरा कटाव हो गया, जिससे बाढ़ का पानी तेजी से दर्जन भर गांवों की ओर बढ़ने लगा। स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण दहशत में हैं, क्योंकि पूर्वी-पश्चिमी तटबंधों में कई जगहों पर रिसाव की खबरें आ रही हैं। यह इलाका पहले भी बाढ़ की मार झेल चुका है और अब फिर से राहत-बचाव की तैयारी जोरों पर है।
कटाव से प्रभावित गांवों में धुरी बिगहा, छीयासठ बिगहा, कुसेता, फुलवरिया, लक्कड़ बिगहा, डोमना बिगहा, मुरलीगढ़, सोहरापुर, दामोदरपुर और चमड़ी प्रमुख हैं। ग्रामीणों का कहना है कि नदी का पानी मुख्य सड़कों पर चढ़ आया है और रात होते ही स्थिति और बिगड़ सकती है। हिलसा-चिकसौरा-बांस बिगहा मार्ग पर रेड़ी गांव के पास बना पुल पानी में डूब गया, जिससे आवागमन ठप हो गया। पूर्वी तटबंध में भी आधा दर्जन जगहों पर रिसाव की आशंका से लोग घरों से सामान समेटने लगे हैं। किसान रामविलास पासवान ने बताया कि फसलें के डूबने का डर है और परिवार छत पर शरण लेने को मजबूर हैं।
लोकायन नदी फल्गु की सहायक है और झारखंड से आने वाले पानी के कारण उफान पर है। पिछले कुछ दिनों की मूसलाधार बारिश ने स्थिति को जटिल बना दिया है। प्रशासन अलर्ट मोड पर है और सैंडबैग भरकर तटबंधों की मरम्मत तेजी से चल रही है। एसडीएम ने राहत सामग्री, भोजन पैकेट और पेयजल की व्यवस्था की है। NDRF की टीम तैनात कर दी गई है और जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की है कि ऊंचे स्थानों पर शरण लें। हिलसा BDO अमर कुमार ने फील्ड विजिट के दौरान पैर चोटिल होने के बावजूद निगरानी जारी रखी है।
यह बाढ़ नालंदा, जहानाबाद और गया के कई ब्लॉकों को प्रभावित कर रही है। फल्गु, सकरी और मुहाने जैसी नदियां भी उफान पर हैं, जिससे पंडरक, फतुहा और एकंगरसराय में जलभराव हो गया है। छोटे बांध के टूटने से कम जमीनें डूबीं हैं, लेकिन फसलें बर्बाद हो रही हैं। सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है। ग्रामीणों और प्रशासन की संयुक्त निगरानी से स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ज्यादा बारिश से खतरा बढ़ सकता है।