Nitin Nabin: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर इस दिन होगी नितिन नबीन की ताजपोशी, सामने आई तारीख; जानिए.. कौन होंगे प्रस्तावक?

Nitin Nabin: बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 19–20 जनवरी को होगा, जिसमें बिहार के मंत्री नितिन नबीन सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं और वे सबसे युवा अध्यक्ष बन सकते हैं।

1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Tue, 13 Jan 2026 01:35:15 PM IST

Nitin Nabin

नितिन नबीन की ताजपोशी - फ़ोटो Google

Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव 19 और 20 जनवरी को कराया जाएगा। 19 जनवरी को नामांकन की प्रक्रिया पूरी होगी, जबकि 20 जनवरी को मतदान और परिणाम की घोषणा होगी। इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित पार्टी और संगठन के कुल 10 वरिष्ठ नेता प्रस्तावक की भूमिका निभाएंगे।


सूत्रों के अनुसार, अध्यक्ष पद की दौड़ में बिहार के वरिष्ठ नेता नितिन नबीन का नाम सबसे आगे चल रहा है। यदि नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाता है, तो वे इस पद पर पहुंचने वाले सबसे युवा नेता होंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक रहेगा। चूंकि 2029 में लोकसभा चुनाव प्रस्तावित हैं, ऐसे में कार्यकाल बढ़ाए जाने की भी संभावना जताई जा रही है। इससे पहले वर्ष 2020 में जेपी नड्डा को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था और बाद में उन्हें स्थायी अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया था।


नितिन नबीन को 15 दिसंबर 2025 को बीजेपी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, हालांकि खरमास के कारण उन्होंने देर से पदभार ग्रहण किया। 45 वर्षीय नितिन नबीन बिहार सरकार में कई बार मंत्री रहे हैं। वे दिवंगत बीजेपी नेता नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र हैं। नितिन नबीन 2006, 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने जाते रहे हैं।


सूत्र बताते हैं कि बीजेपी की संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया पार्टी-शासित आधे से अधिक राज्यों में पूरी हो चुकी है। कुल 37 में से 29 राज्यों में आंतरिक चुनावों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन राज्यों के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक सेट दाखिल करेंगे। वहीं, बीजेपी की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य भी उनके पक्ष में अलग से नामांकन पत्र जमा करेंगे।


बीजेपी के संविधान और नियमों की धारा-19 के अनुसार, राष्ट्रीय और प्रदेश परिषद के सदस्यों का एक इलेक्टोरल कॉलेज बनता है, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करता है। यह चुनाव पार्टी की कार्यकारिणी द्वारा तय नियमों के तहत होता है। संविधान के मुताबिक, कोई भी पात्र सदस्य अधिकतम दो लगातार कार्यकाल, यानी कुल छह वर्ष तक अध्यक्ष पद पर रह सकता है।