Train Accident : बिहार में बड़ा रेल हादसा टला, बाल -बाल बची इंटरसिटी एक्सप्रेस; महज 10 दिन में टूटा नई रेललाइन का ट्रैक

बेतिया के कुमार बाग रेलखंड पर ट्रैक फैक्चर से बड़ा रेल हादसा टला। इंटरसिटी एक्सप्रेस 2 घंटे रुकी रही। दोहरीकरण के 10 दिन बाद सामने आई तकनीकी खामी।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Feb 28, 2026, 9:29:37 AM

Train Accident : बिहार में बड़ा रेल हादसा टला, बाल -बाल बची इंटरसिटी एक्सप्रेस; महज 10 दिन में टूटा नई रेललाइन का ट्रैक

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Train Accident : बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया में शनिवार को एक बड़ा रेल हादसा टल गया। Indian Railways के अधीन चलने वाली बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस कुमार बाग रेलखंड पर दुर्घटनाग्रस्त होते-होते बची। घटना के बाद यात्रियों में अफरातफरी का माहौल बन गया, हालांकि समय रहते स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया और किसी तरह की जनहानि नहीं हुई।


जानकारी के अनुसार कुमार बाग रेलखंड पर हाल ही में 9 किलोमीटर दोहरीकरण कार्य पूरा किया गया था। इस रेलखंड का सीआरएस (कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी) निरीक्षण 18 फरवरी को हुआ था। निरीक्षण के बाद इस ट्रैक पर ट्रेनों को 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन महज 10 दिनों के भीतर ही ट्रैक में फैक्चर आ जाने से रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।


घटना उस समय हुई जब बगहा-पाटलिपुत्र इंटरसिटी एक्सप्रेस कुमार बाग रेलवे स्टेशन के समीप पहुंची। अचानक रेल ट्रैक में फैक्चर की सूचना मिली, जिसके बाद एहतियातन ट्रेन को रोक दिया गया। करीब दो घंटे तक इंटरसिटी एक्सप्रेस स्टेशन के पास खड़ी रही। ट्रेन में सवार यात्री काफी देर तक असमंजस में रहे, लेकिन रेलवे कर्मचारियों ने उन्हें सुरक्षित बनाए रखा।


सूचना मिलते ही रेलवे के तमाम अधिकारी और इंजीनियर मौके पर पहुंच गए। तकनीकी टीम ने तुरंत ट्रैक की जांच की और फैक्चर वाले हिस्से की तात्कालिक मरम्मत शुरू की। आपात मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद इंटरसिटी एक्सप्रेस को सावधानीपूर्वक आगे के लिए रवाना किया गया। अन्य ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित न होने देने के लिए उन्हें दूसरे रेल लाइन से संचालित किया गया।


स्थानीय लोगों का कहना है कि दोहरीकरण कार्य हाल ही में पूरा हुआ था और इतनी जल्दी ट्रैक में दरार आ जाना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ट्रैक फैक्चर कई कारणों से हो सकता है, जैसे तापमान में अचानक बदलाव, निर्माण में तकनीकी खामी या सामग्री की गुणवत्ता में कमी। हालांकि वास्तविक कारण का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।


रेलवे अधिकारियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक जांच में यह देखा जा रहा है कि कहीं निर्माण कार्य में कोई कमी तो नहीं रह गई थी या फिर ट्रैक की नियमित निगरानी में चूक हुई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि दोषी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी या कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


इस घटना ने एक बार फिर रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि सतर्कता और समय पर कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस तरह की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती हैं। फिलहाल स्थिति सामान्य है और रेल परिचालन सुचारु रूप से जारी है, लेकिन जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।