खेलते-खेलते बुझ गईं दो नन्हीं जिंदगियां: पोखर में डूबने से सुपौल में दो बच्चियों की मौत

सुपौल के सीतापुर गांव में खेलते समय पोखर में डूबने से दो मासूम बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। वही पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

1st Bihar Published by: SANT SAROJ Updated Tue, 13 Jan 2026 07:51:58 PM IST

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परिजनों में मचा कोहराम - फ़ोटो REPORTER

SUPAUL:- सुपौल जिले के करजाईन थाना क्षेत्र के सीतापुर गांव में मंगलवार का दिन पूरे गांव के लिए कभी न भूल पाने वाला गम छोड़ गया। मासूम हंसी और खेल-कूद से गूंजने वाला मोहल्ला अचानक चीख-पुकार और मातमी सन्नाटे में बदल गया, जब घर के सामने खेल रही दो नन्हीं बच्चियां फिसलकर पोखर में डूब गईं और उनकी दर्दनाक मौत हो गई। 


मृत बच्चियों की पहचान सीतापुर निवासी सुरेश मेहता की 11 वर्षीय पुत्री प्रीति प्रिया और राजेश कुमार मेहता की 9 वर्षीय पुत्री खुशबू कुमारी के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों सहेलियां रोज की तरह अपने घर के सामने स्थित पोखर के किनारे खेल रही थीं। खेल-खेल में अचानक उनका पैर फिसला और दोनों एक-दूसरे को संभाल भी नहीं पाईं। देखते ही देखते दोनों गहरे पानी में समा गईं। कुछ देर तक किसी को इस अनहोनी का अंदाजा नहीं हुआ। 


जब आसपास के लोगों ने बच्चियों को नहीं देखा तो खोजबीन शुरू हुई। पोखर के पास पहुंचते ही ग्रामीणों को आशंका हुई और पानी में तलाश शुरू की गई। काफी मशक्कत के बाद दोनों बच्चियों को पोखर से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों बच्चियां पानी में दम तोड़ चुकी थीं। आनन-फानन में ग्रामीणों और परिजनों की मदद से दोनों को रेफरल अस्पताल राघोपुर ले जाया गया,जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ संजीव द्विवेदी ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। 


अस्पताल परिसर में जैसे ही यह खबर मिली, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मां की चीत्कार और पिता की बेबसी ने वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम कर दीं। घटना की सूचना मिलते ही करजाईन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। एक ही मोहल्ले की दो मासूम बच्चियों की असमय मौत से पूरे सीतापुर गांव में मातम पसरा हुआ है। हर घर में शोक का माहौल है,लोग स्तब्ध हैं और इस हादसे को लेकर गहरी संवेदना जता रहे हैं। थानाध्यक्ष मनीष कुमार ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर ग्रामीण इलाकों में खुले पोखरों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गया है।