BIHAR NEWS : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज समृद्धि यात्रा के दौरान सहरसा में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान एक बार फिर से नीतीश कुमार का चिर-परिचित अंदाज देखने को मिला। लगभग 10 मिनट तक जब नीतीश कुमार भाषण दे रहे थे, उस दौरान महिलाएं उनका भाषण सुनने के बजाय वहां से बाहर जा रही थीं। ऐसे में जब नीतीश कुमार की नजर उन लोगों पर पड़ी, तो उन्होंने इशारों ही इशारों में उन्हें अपनी जगह पर बैठे रहने को कहा।
नीतीश कुमार ने कहा - अरे भाग काहे रहे हैं रहिए चुपचाप ... एक -एक बात सुनिए, हम देख रहे हैं कि इधर -उधर जा रही है, अरे कहां जा रही है ... अरे असली बतबा न सुनो ... अरे असली चिजबा जानों। पहले वाला (लालू -राबड़ी ) कोई काम किया था। अभी हम अपना काम बता रहे हैं, हम क्या काम किए हैं उसको सुनो। हम देख रहे हैं दो -चार -पांच गो इधर-उधर भाग रही है। वह देखों उधर भाग रही है।
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार करीब दस मिनट से मंच से लोगों को संबोधित कर रहे थे। वे अपने कार्यकाल में किए गए विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं का जिक्र कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सभा में बैठी कुछ महिलाओं पर पड़ी, जो भाषण सुनने के बजाय वहां से उठकर बाहर जाने लगी थीं। जैसे ही मुख्यमंत्री ने यह देखा, उन्होंने तुरंत अपने भाषण को बीच में रोककर महिलाओं की ओर इशारा किया और मजाकिया अंदाज में उन्हें रुकने और बैठकर भाषण सुनने को कहा।
मुख्यमंत्री ने अपने खास अंदाज में कहा, “अरे भाग काहे रहे हैं, रहिए चुपचाप… एक-एक बात सुनिए। हम देख रहे हैं कि इधर-उधर जा रही है। अरे कहां जा रही है… अरे असली बतबा न सुनो… अरे असली चीजबा जानों।” मुख्यमंत्री की यह बात सुनते ही सभा में मौजूद लोगों के बीच हल्की मुस्कान और तालियों की आवाज सुनाई देने लगी।
इसके बाद उन्होंने अपने भाषण को आगे बढ़ाते हुए पिछली सरकारों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में विकास के काम नहीं हुए, लेकिन उनकी सरकार ने राज्य में कई महत्वपूर्ण काम किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले वाला (लालू-राबड़ी) कोई काम किया था? अभी हम अपना काम बता रहे हैं। हम क्या-क्या काम किए हैं, उसको सुनो।”
नीतीश कुमार ने आगे कहा कि वे मंच से साफ देख पा रहे हैं कि कुछ लोग इधर-उधर जा रहे हैं। उन्होंने फिर हल्के अंदाज में कहा, “हम देख रहे हैं, दो-चार-पांच गो इधर-उधर भाग रही है… वह देखो उधर भाग रही है।” मुख्यमंत्री के इस अंदाज पर सभा में मौजूद लोगों ने हंसी और तालियों के साथ प्रतिक्रिया दी।
दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अक्सर अपने भाषणों के दौरान भीड़ से सीधे संवाद करने के लिए जाने जाते हैं। कई बार वे मंच से ही लोगों से सवाल पूछते हैं या किसी गतिविधि पर तुरंत प्रतिक्रिया भी देते हैं। यही कारण है कि उनके भाषणों में अक्सर ऐसा सहज और मानवीय अंदाज देखने को मिलता है।
सहरसा की इस सभा में भी उनका यही अंदाज देखने को मिला। मुख्यमंत्री का यह बयान और उनका अंदाज वहां मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे मुख्यमंत्री की सहजता और लोगों से सीधे जुड़ने की शैली बताया। समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री राज्य के अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इस यात्रा के माध्यम से वे विकास योजनाओं की प्रगति का जायजा लेने के साथ-साथ आम जनता से फीडबैक भी ले रहे हैं। सहरसा की सभा में भी उन्होंने राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और आने वाली योजनाओं का जिक्र करते हुए लोगों से सहयोग और समर्थन की अपील की।
कुल मिलाकर, सहरसा की इस जनसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का एक बार फिर वही पुराना अंदाज देखने को मिला, जिसमें वे भाषण के बीच भीड़ से सीधे संवाद करते हुए नजर आए। यही वजह है कि उनका यह अंदाज अब चर्चा का विषय बन गया है।