जमुई में 50 लाख की डकैती का खुलासा: 5 आरोपी गिरफ्तार, 45 लाख से अधिक कैश भी बरामद कटिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अपराध की योजना बना रहे 5 बदमाश हथियार के साथ गिरफ्तार पटना में 20 जनवरी को सुधा की “दही खाओ ईनाम पाओ” प्रतियोगिता, इस मोबाइल नंबर पर करायें अपना रजिस्ट्रेशन पूर्णिया के वीभत्स गैंग रेप का मुख्य आरोपी जुनैद सांसद पप्पू यादव का करीबी? वायरल फोटो से चर्चाओं का बाजार गर्म खेलते-खेलते बुझ गईं दो नन्हीं जिंदगियां: पोखर में डूबने से सुपौल में दो बच्चियों की मौत प्रयागराज माघ मेले में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी का भव्य स्वागत, धर्म-श्रमदान और समाज सेवा पर दिये संदेश PATNA: बैंक डकैत अमन शुक्ला हत्याकांड का खुलासा, 3 शूटर गिरफ्तार Bihar Top News: नीतीश ने दी बुजुर्गों को बड़ी राहत, अंडरग्राउंड होंगे बिजली के तार, तेजप्रताप यादव को NDA में शामिल होने का न्योता थैलेसीमिया से पीड़ित 7 बच्चे CMC वेल्लोर रवाना, बिहार सरकार कराएगी नि:शुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट सांसद अरुण भारती के जाते ही दही-चूड़ा भोज में हंगामा, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ता आपस में भिड़े
08-Jun-2020 08:27 PM
By Pranay Raj
NALANDA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा के किसान परेशान है। किसान 'प्याज के आंसू' रो रहे हैं। 4 रुपये में भी प्याज के खरीदार नहीं मिल रहे हैं। नजीजतन किसान अपनी फसल को नदी नाले में फेंक रहे हैं। इलाके के किसान सूबे के मुख्यमंत्री के जिले के होकर भी खुद को ठगे महसूस कर रहे हैं।
सोहडीह गांव के किसानों ने इस बार अपने खेत मे प्याज की खेती की, लेकिन अचानक मौसम खराब होने के कारण किसानों का लगाया गया प्याज पूरी तरह से बर्बाद हो गया, और सभी किसान प्याज को खेत, नदी और नाले में डाल रहे हैं। किसान कहते हैं कि इस सरकार में उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। किसान सरकार से इतने बेजार हो चुके हैं कि कहते हैं इस बार चुनाव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पता चल जाएगा। वहीं लोगों ने बीजेपी विधायक डॉ सुनील पर भी आरोप लगाया है,कहा कि उन्हें किसानों की समस्या से कोई लेना देना नहीं है आज हम सब भूखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं।
यहां के किसानों को फसल बीमा योजना भी नही हुआ है जिसको लेकर भी नाराजगी है। किसान को उनकी फसलों का मुआवजा कौन दिलाएगा। किसानों का कहना है कि आज से 5 महीना पहले प्याज का दाम 110 रुपये किलो था और आज प्याज का दाम 4 रुपए किलो है लेकिन खरीदने वाला कोई नही है। किसानों से सरकार से मदद की गुहार लगायी है।