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18-Jun-2025 10:25 PM
By First Bihar
RAJGIR: लौंग लता यूपी-बिहार और बंगाल की स्पेशल मिठाई है। जिसे बनाना बेहद आसान है। लौंग लता का स्वाद अन्य मिठाइयों से ज्यादा टेस्टी होता है। राजगीर में भी लौंग लता बनाया जाता है, जिसे लोग खूब पसंद भी करते हैं। इसी क्रम में राजगीर पहुंचे शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ चाय पीने के लिए एक दुकान पर पहुंच गये। दुकानदार ने उन्हें नहीं पहचाना। उन्होंने दुकानदार से चाय मांगा तब ट्रे में चाय ले जाकर दुकानदार उनके पास पहुंचा। एस सिद्धार्थ ने मिट्टी के कुल्हड़ में चाय पी।
इस दौरान उनकी नजर कड़ाही में तले जा रहे लौंग लता पर गई। तब तक कुछ लोग भी वहां चाय पीने पहुंच गये। उन्होंने एस सिद्धार्थ को पहचान लिया और फिर प्रणाम सर कहने लगे। जिसके बात वहां मौजूद लोगों को पता चला कि ये कोई आम इंसान नहीं हैं बल्कि बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ हैं। तब वहां मौजूद लोगों के साथ-साथ दुकानदार भी यह बात जानकर हैरान रह गया कि उनके सामने आईएएस अधिकारी खड़े हैं। फिर तभी एस सिद्धार्थ ने दुकानदार से पूछा कि क्या बना रहे हो?
दुकानदार ने कहा कि लौंग लता बना रहे हैं सर..फिर एस सिद्धार्थ पहले देखते हैं कि दुकानदार लौंग लता कैसे बनाता है, फिर खुद लौंग लता बनाने लगते हैं और उसे कराही में छानने भी लगते हैं। जिसे देखकर हर कोई हैरान रह जाता है। फिर वहां से एस सिद्धार्थ रवाना हो जाते हैं जिसके बाद इस बात की चर्चा इलाके में होनी शुरू हो जाती है कि एस सिद्धार्थ सर आए हुए थे और उन्होंने खुद अपने हाथों से लौंग लता बनाया और उसे कराही में छाना। लेकिन किसी को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा था। तब वहां मौजूद लोगों ने अपने मोबाइल से बनाए गये वीडियो को दिखाया तब जाकर ग्रामीणों को यकीन हुआ।
जिसके बाद वह वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया जो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। जिसे देखकर सोशल मीडिया यूजर्स भी दंग रह गये। सोशल मीडिया पर भी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव की चर्चा हो रही है। बता दें कि शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ अपने अनोखे अंदाज के लिए जाने जाते हैं। बड़े अधिकारी होने के बावजूद एस. सिद्धार्थ की सादगी लोगों को ध्यान बरबस ही अपनी तरफ खींच लेती है। सरकार में बड़े पद पर होने के बावजूद उनका स्वभाव बिल्कूल सरल और शौम्य है। एस. सिद्धार्थ अपने काम के बदौलत तो चर्चा मे रहते ही हैं, अपने अनोखे अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं।
दरअसल, डॉ. एस. सिद्धार्थ 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। कैबिनेट विभाग के अपर मुख्य सचिव के साथ साथ बिहार की शिक्षा विभाग का दायित्व भी उनके कंधों पर हैं। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के तौर पर एस. सिद्धार्थ अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। बिहार में ध्वस्त हो चुकी शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने में वह पूरी ईमानदारी के साथ लगे हुए हैं और बिहार की शिक्षा व्यवस्था को और भी बेहतर कैसे किया जाए, इसको लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. एस. सिद्धार्थ एक प्रशिक्षु पायलट, पेशेवर वाइल लाइफ फोटोग्राफऱ के साथ साथ एक पेंटर और कार्टूनिस्ट भी हैं। सरकारी काम के अलावा इन कामों में भी उनका पूरा फोकस होता है। यही वजह है कि वह अक्सर अलग अंदाज में दिख जाते हैं। सरल स्वभाव के कारण वह एक आम आदमी की तरह कभी झोला लेकर सब्जी खरीदने निकल जाते हैं तो कभी नाई की दुकान पर हजामत बनवाते नजर आते हैं।
वहीं कभी एक मझे हुए बाइकर की तरह बाइक चलाते दिखते हैं। एस. सिद्धार्थ कभी स्कूलों का निरीक्षण करने पहुंच जाते हैं तो कभी सड़क किनारे चाय पीते नजर आते हैं। अपने इसी अनोखे अंदाज को लेकर सिद्धार्थ अक्सर चर्चा में बने रहते हैं। 17 अप्रैल को वो पायलट लुक में नजर आए थे। एस. सिद्धार्थ अपने एरोनॉटिकल कौशल को और प्रखर करते नजर आए थे। विमान CESSNA 172 में अकेले उड़ान भरते हुए उनके सीखने की ललक को स्पष्ट रूप से देखा गया था।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस. सिद्धार्थ का कहना है कि सीखने की न तो कोई उम्र होती है न ही कोई सीमा, हम एक छात्र की भूमिका में ही अपने जीवन की सर्वश्रेष्ठता को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आइए, हम भी अपने सीखने की चाह को जिंदा रखें और अपने सपनों को साकार करें।