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18-May-2025 08:10 PM
By First Bihar
NALANDA: चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गांव कल्याण बिगहा में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ तीखी बहस हो गयी. जिला प्रशासन ने कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रशांत किशोर को गांव में जाने से रोक दिया. इसी दौरान उनकी एसडीएम से जमकर बहस हुई. नाराज प्रशांत किशोर ने एसडीएम को कहा-नये अफसर बने हो, इत्मीनान से रहो. ऐसा न हो कि नौकरी चली जाये.
प्रशांत किशोर का अभियान
दरअसल, प्रशांत किशोर ने बिहार बदलाव हस्ताक्षर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है. इसकी शुरूआत आज नीतीश कुमार के पैतृक गांव कल्याण बिगहा से होनी थी. अपने अभियान की शुरुआत करने नीतीश कुमार के गांव जा रहे प्रशांत किशोर को जिला प्रशासन ने रोक दिया. पीके ने पहले ही ऐलान किया था कि वे 18 मई को बिहार बदलाव हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत कल्याण बिगहा से करेंगे.
प्रशांत किशोर के कार्यक्रम को लेकर उनकी जन सुराज पार्टी के नेता और कार्यकर्ता पटना और दूसरे जिलों से सवेरे से ही बस और चार पहिया गाड़ियों में सवार होकर नालंदा के कल्याण बिगहा गांव के आस-पास पहुंच चुके थे. लेकिन जिला प्रशासन ने कल्याण बिगहा गांव के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी थी. प्रशासन ने पीके के काफिले को भी गांव के बाहर ही रोक दिया.
एसडीएम से बहस
सीएम नीतीश के गांव में घुसने से रोके जाने पर प्रशांत किशोर की एसडीएम से तीखी बहस हुई. पीके ने एसडीएम को जमकर खरी-खोटी सुनाई. प्रशांत किशोर ने कहा- आप मुझे गांव में घुसने से रोकेंगे? क्या मुझे गांव में जाने के लिए आपके आर्डर की जरूरत है? एसडीएम ने कहा कि कानून-व्यवस्था खराब होने की आशंका के कारण उन्हें रोका जा रहा है.
आप मुझे धमका रहे हैं- प्रशांत
पीके ने कहा कि जब मैं बिहार के दूसरे गांवों में गया था तो क्या वहां कानून-व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़ी थी? मैं चाहता हूं कि आप लिखकर दें, फिर मैं वापस आ चला जाऊंगा. क्या आप लोगों को इकट्ठा करके मुझे धमका रहे हैं? आप नेता बनना चाहते हैं?
नौकरी चली जायेगी
बहस के दौरान प्रशांत किशोर ने एसडीएम से कहा कि आपसे ज्यादा पढ़े-लिखे हमारे साथ हैं. हम कानून का पालन करने वाले लोग हैं. भड़के प्रशांत किशोर ने यह भी कहा कि नए अफसर बने हो इत्मीनान से रहो. मुझे गांव में घुसने से रोकने का कारण लिखकर दोगे तो नौकरी चली जाएगी
एसडीएम ने दिया जवाब
वहीं, एसडीएम ने भी प्रशांत किशोर के सवालों का जवाब दिया. एसडीएम ने कहा कि आपको गांव में घुसने से पहले अनुमति लेने की आवश्यकता है क्योंकि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति पैदा हो सकती है. एसडीएम ने आगे कहा कि गांव के लोगों ने कानून व्यवस्था को लेकर शिकायत दर्ज कराई है. तभी प्रशासन कार्रवाई कर रहा है. अगर मेरा इरादा आपको रोकने का होता तो मैं आपको बिहारशरीफ में ही रोक लेता.
उधर, प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज तीन बिंदुओं पर नीतीश कुमार के गांव से रियलिटी टेस्ट की शुरुआत करना चाहती है. बिहार सरकार के जमीन सर्वे में घूस लिया जा रहा है या नहीं, गरीब दलित परिवारों को आवास के लिए तीन डिसमिल जमीन दी गयी या नहीं और जातीय सर्वे के आधार पर चिन्हित गरीब परिवारों को दो लाख रुपए की सहायता दी गयी या नहीं.
मीडिया से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि वे कल्याण बिगहा आने के लिए लगभग दो किलोमीटर पैदल चलकर कई गांवों से गुजरे लेकिन किसी ने नहीं रोका. कल्याण बिगहा गांव में जाने से यह कहकर रोक दिया गया कि परमिशन नहीं लिया गया है. इस इलाके में हर जगह लोगों ने कहा कि यहां भी दाखिल खारिज और सर्वे में घूस लिया जा रहा है. किसी को आवास की जमीन नहीं दी गई है और गरीब परिवारों को दो लाख का लाभ भी नहीं दिया गया है