शराबबंदी के समर्थन में महिलाओं ने निकाला चेतावनी मार्च, नीतीश के दावे की ही खोल दी पोल

शराबबंदी के समर्थन में महिलाओं ने निकाला चेतावनी मार्च, नीतीश के दावे की ही खोल दी पोल

PATNA: बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इसके बावजूद ना तो शराब पीने वाले संभल रहे हैं और ना ही शराब बेचने वाले ही अपनी आदतों से बाज आ रहे हैं। आए दिन शराब की खेप पकड़ी जा रही है। शराब के धंधेबाज और पियक्कड़ों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि शराब पीने वाले और इसे बेचने वालों ने हम नहीं सुधरेंगे की कसम खा रखी है। शराब पीने वालों और इसके धंधेबाजों के खिलाफ सुधार वाहिनी की महिला सदस्यों ने आज पटना में चेतावनी मार्च निकाला लेकिन इस दौरान महिलाओं ने नीतीश सरकार के दावे की पोल खोलकर रख दी। महिलाओं का कहना था कि हर गली मुहल्ले में शराब आसानी से मिल रहा है। पति दिन भर कमाता है और शाम होते ही शराब पी लेता है। हमलोग चाहते है कि बिहार में पूरी तरह से शराबबंदी कानून लागू हो।


शराबबंदी के समर्थन में विभिन्न महिला संगठन की सदस्यों ने राजधानी पटना में चेतावनी मार्च निकाला। पटना के गांधी मैदान से शुरू हुआ यह चेतावनी मार्च वीरकुँवर सिंह पार्क तक गया। इस दौरान तरह-तरह के स्लोगन लिखा हुआ पोस्टर महिलाओं के हाथ में था। महिलाओं ने शराब माफिया और पियक्कड़ों को चेतावनी देते हुए होश में आने की बात कही। यह भी कहा कि यदि अब भी नहीं सुधरे तो महिलाएं सबक सिखाने का काम करेंगी। शराबबंदी (नशा मुक्ति अभियान) के समर्थन में सड़कों पर उतरी महिलाओं ने कहा कि जो शराबबंद की बात करेगा वहीं देश पर राज करेगा। 


महिलाओं ने लोगों से शराब को हाथ नहीं लगाने की चेतावनी दी। कहा कि देश को बचाना है तो नशा को पूरी तरह से बंद कराना होगा। नशे से दोस्ती करेंगे तो जीवन से मुक्ति मिल जाएगी। नशा एक महामारी की तरह बिहार के कोने-कोने पहुंच रही है। बता दें कि बिहार में शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए महिलाएं दूर-दराज के क्षेत्रों से आज पटना आई थी। महिलाओं का सीधा कहना था कि अभी भी चोरी छिपे शराब बनाया जा रहा है और इसे बेचा जा रहा है। लोग भी बेखौफ शराब का सेवन कर रहे हैं। शराब बनाने और इसे पीने वालों को रोकना ही उनका मकसद है।


चेतावनी मार्च में आई एक महिला ने बताया कि मखदुमपुर में हर गली चौराहे पर शराब मिल रहा है। पति दिन भर मेहनत करके कमाता है और शाम होते ही सब पैसे शराब में बर्बाद कर देते है। शराब पीने के बाद घर पर लड़ाई करता है। हमलोग चाहते है कि बिहार में पूरी तरह से शराबबंदी कानून लागू हो।


महिलाओं का यह भी कहना था कि जो चोरी छिपे शराब बना रहे है उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। कई महिलाओं ने सीधे तौर पर कहा कि बिहार में शराब मिलता है हम लोग चाहते है कि बंद हो जाए। पीकर लोग बर्बाद हो रहे है। इन्हीं बातों को लेकर हम आज पटना में आयोजित चेतावनी यात्रा में शामिल होने के लिए आए है। अपनी बातों को यहां रखने आए है। 


नीतीश कुमार की इस पहल की महिलाओं ने जमकर तारीफ की। कहा कि यह सरकार का ऐतिहासिक फैसला है। जो महिलाओं केलिए एक संजीवनी से कम नही है। लेकिन कुछ असामाजिक तत्व इसे धूमिल करने का काम कर रहे हैं। अवैध शराब का धंधा कर रहे हैं। जिसके पीने के बाद लोग आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। वही शराब से लोग मर भी रहे है। बिहार में इस कानून को और कड़ाई से लागू किया जाना चाहिए। 


महिलाओं ने यह भी कहा कि आरएस भट्टी साहब को बिहार का डीजीपी बनाया गया। इससे हम सब बेहद खुश है हमें पूरा विश्वास है कि वे शराबबंदी कानून को कड़ाई से लागू कराएंगे। हम सभी महिलाएं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ हैं। हम लोग मुहिम चला रहे हैं कि शराब बिहार में नहीं मिले। मुख्यमंत्री ने इतना बड़ा निर्णय लिया है हम सब इसका स्वागत करते हैं।