बिहार में अपराधियों का तांडव जारी : कटिहार में महिला की गोली मारकर हत्या, इलाके में सनसनी केरल विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी चुनाव प्रभारी और सह-प्रभारी की नियुक्ति, राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जारी की लिस्ट भागलपुर: 13 दिन से लापता 2 छात्राएं स्कूल की CCTV में दिखीं, फिर कैसे हुईं गायब? पटना के विधायक नितिन नबीन बने बीजेपी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. दिलीप जायसवाल ने दी बधाई जाली नोट डबलिंग रैकेट की जांच में दलसिंहसराय में रेड, BJP नेता के घर हरियाणा पुलिस और बिहार STF की कार्रवाई बिहार में कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल, गरीब-किसान-महिलाएं असुरक्षित : कृष्णा अल्लावरू प्रयागराज माघ मेला में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ संपन्न, विश्व कल्याण का संकल्प जहानाबाद में बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गोलीबारी में दो घायल, पूरा इलाका छावनी में तब्दील Bihar News: स्कूल वैन से गिरकर छात्र की दर्दनाक मौत, हादसे के बाद ड्राइवर फरार; ग्रामीणों ने किया बवाल Bihar News: स्कूल वैन से गिरकर छात्र की दर्दनाक मौत, हादसे के बाद ड्राइवर फरार; ग्रामीणों ने किया बवाल
20-Jan-2026 06:12 PM
By First Bihar
PATNA: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों में वर्षों से चली आ रही समस्याओं के समाधान की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। कई रैयतों के जमीन का दस्तावेज कैथी लिपि में होने के कारण हो रही परेशानी को देखते हुए सरकार ने इसे दूर करने के लिए कैथी लिपि विशेषज्ञों का पैनल बनाने का निर्णय लिया है। जो पुराने कैथी लिपि के दस्तावेजों का सटीक और प्रमाणिक अनुवाद कर सकेंगे।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे रैयत हैं, जिनके भूमि संबंधी पुराने दस्तावेज कैथी लिपि में लिखे होने के कारण उन्हें गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि कैथी लिपि पढ़ने और समझने वाले विशेषज्ञों की कमी के कारण दाखिल-खारिज, भूमि सर्वेक्षण, सीमांकन और अन्य राजस्व कार्यों में अनावश्यक देरी और विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। इस समस्या के समाधान के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा कैथी लिपि विशेषज्ञों का एक पैनल गठित किया जाएगा।
इन विशेषज्ञों को विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे पुराने भूमि दस्तावेजों का सटीक, प्रमाणिक और मान्य अनुवाद कर सकें। सरकार का उद्देश्य है कि यह सेवा रैयतों को न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध कराई जाए, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।
गौरतलब है कि बिहार के कई जिलों में आज भी खतियान, रसीद और बंदोबस्ती जैसे महत्वपूर्ण भूमि दस्तावेज कैथी लिपि में मौजूद हैं। डिजिटल रिकॉर्ड और आधुनिक भूमि सर्वेक्षण प्रणाली के इस दौर में इन दस्तावेजों का अनुवाद न होने से कई मामलों में विवाद, देरी और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आती रही हैं।
डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कैथी लिपि विशेषज्ञों की व्यवस्था से भूमि सर्वेक्षण सहित राजस्व से जुड़े सभी कार्य अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेंगे। इससे न केवल रैयतों को बड़ी राहत मिलेगी, बल्कि विभागीय कार्यप्रणाली में भी सुधार आएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि रैयतों के अधिकारों की रक्षा और भूमि व्यवस्था को सुदृढ़ करना सरकार की प्राथमिकता है और यह पहल उसी दिशा में एक अहम कदम है।