प्रयागराज माघ मेला में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ संपन्न, विश्व कल्याण का संकल्प

प्रयागराज माघ मेला क्षेत्र में स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में 19 से 26 जनवरी तक श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ आयोजित हुआ। माता ललिता के अनुष्ठान में हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर देश की प्रगति और विश्व शांति की कामना की।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 20 Jan 2026 08:54:10 PM IST

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श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ - फ़ोटो social media

DESK: प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में देश के वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के संरक्षण में 19 जनवरी से 26 जनवरी तक श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का भव्य आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस महायज्ञ का उद्देश्य देश की प्रगति, विश्व शांति और गरीब कल्याण रहा।


महायज्ञ का शुभारंभ पूरे विधि-विधान के साथ माता ललिता देवी के पूजन से किया गया। इस दौरान एक हजार से अधिक सुहासिनी महिलाओं एवं श्रद्धालुओं ने श्री ललिता सहस्त्रनाम के मंत्रों का करोड़ों बार जाप कर सिंदूर से माता का अर्चन किया। आयोजन स्थल पर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।


स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने बताया कि अब तक देश के 40 प्रमुख शहरों में श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का आयोजन किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि इस महाअनुष्ठान का उद्देश्य गरीब वर्ग के उत्थान के साथ-साथ भारत माता के वैभव को बढ़ाना है।


स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के सिंदूर का महत्व आज पूरी दुनिया जान चुकी है। उन्होंने सनातन धर्म के पालन पर बल देते हुए कहा कि सनातन धर्म में सभी का सम्मान निहित है। उन्होंने यह भी कहा कि माता ललिता का यह महाअनुष्ठान भविष्य में देश के प्रत्येक गांव तक पहुंचाया जाएगा।


उन्होंने विश्वास जताया कि माता ललिता की कृपा से देश निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेगा और आज पूरी दुनिया भारत की ओर आशा भरी नजरों से देख रही है। स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश में सनातन धर्म का पुनरुत्थान प्रारंभ हुआ है। माघ मेला की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि यहां श्रद्धालुओं के लिए सर्वोत्तम प्रबंध किए गए हैं, जिससे साधना और अनुष्ठान पूरी पवित्रता एवं शांति के साथ संपन्न हो सका।