1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Mar 06, 2026, 7:22:56 PM
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Bihar News: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जनहित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विभाग के नियंत्रणाधीन सभी सैरातों (श्मशान घाटों) में शव वाहनों को पार्किंग शुल्क से मुक्त करने का निर्देश दिया है। इस संबंध में विभाग के सचिव जय सिंह ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है।
जारी निर्देश में कहा गया है कि “भूमि सुधार जन कल्याण संवाद” और सात निश्चय-3 के तहत ईज़ ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इसके अनुसार अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के नियंत्रणाधीन सैरातों में शव वाहन से किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी अन्य वाहन से पार्किंग शुल्क तभी वसूला जाएगा, जब वह निर्धारित पार्किंग क्षेत्र में खड़ा किया गया हो। विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को इस निर्देश का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
इससे पहले विभागीय स्तर पर बेगूसराय जिले के सिमरिया घाट सैरात में वाहन पड़ाव के लिए पार्किंग शुल्क की दरें भी निर्धारित की गई हैं। जारी निर्देश के अनुसार बस जैसे बड़े और मध्यम वाहनों से 200 रुपये, चार पहिया वाहनों से 50 रुपये तथा ऑटो/टेम्पू, ई-रिक्शा जैसे वाहनों से 20 रुपये पार्किंग शुल्क लिया जाएगा, जबकि शव वाहनों को पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को इन निर्धारित दरों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकार आम लोगों की सहूलियत और संवेदनशील परिस्थितियों में उनके साथ खड़े रहने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में विभाग के नियंत्रणाधीन सैरातों में शव वाहनों से पार्किंग शुल्क नहीं लेने का निर्णय लिया गया है।
उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार के लिए अंतिम संस्कार का समय बेहद पीड़ादायक होता है। ऐसे समय में राज्य सरकार का दायित्व है कि लोगों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दी जाए। इस निर्णय से श्मशान घाटों और संबंधित स्थलों पर आने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सात निश्चय-3 के अंतर्गत ईज़ ऑफ लिविंग को बढ़ावा देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से यह व्यवस्था की गई है कि शव वाहनों से किसी भी प्रकार का पार्किंग शुल्क नहीं लिया जाएगा और अन्य वाहनों से भी शुल्क तभी लिया जाएगा, जब वे निर्धारित पार्किंग स्थल में खड़े हों। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस व्यवस्था को पूरे राज्य में प्रभावी ढंग से लागू किया जाए, ताकि आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।