1st Bihar Published by: First Bihar Updated Tue, 20 Jan 2026 02:24:04 PM IST
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Patna CNG stations : पटना और आसपास के इलाकों में सीएनजी (कंप्रेस्ड नेचुरल गैस) नेटवर्क को लेकर बड़ी और राहत भरी खबर है। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण, ईंधन की महंगाई और सीएनजी वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या के बीच अब सीएनजी आपूर्ति और स्टेशनों के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गेल इंडिया लिमिटेड ने इस साल के अंत तक पटना क्षेत्र में 14 नये सीएनजी स्टेशन शुरू करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इसके लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है और निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाएं तेज कर दी गई हैं।
फिलहाल पटना में कुल 36 सीएनजी स्टेशन संचालित हैं, जिनमें नौ ऑनलाइन और 27 ऑफलाइन स्टेशन शामिल हैं। नये स्टेशनों के शुरू होते ही यह संख्या बढ़कर करीब 50 तक पहुंच जाएगी। इससे न केवल सीएनजी की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि स्टेशनों पर लगने वाली लंबी कतारों से भी लोगों को राहत मिलेगी।
गेल इंडिया के मुताबिक अभी पटना क्षेत्र में रोजाना करीब 1.20 लाख किलो सीएनजी की आपूर्ति हो रही है। लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए इसे मार्च 2026 तक बढ़ाकर 1.50 लाख किलो प्रतिदिन करने का लक्ष्य तय किया गया है। कंपनी का मानना है कि सप्लाई बढ़ने से सीएनजी की उपलब्धता ज्यादा स्थिर होगी और बार-बार होने वाली किल्लत की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
वर्तमान में कई बार ऐसा देखा जाता है कि मांग के मुकाबले सप्लाई कम पड़ जाती है, जिससे स्टेशनों पर वाहनों की लंबी लाइन लग जाती है। खासकर सुबह और शाम के समय हालात ज्यादा खराब हो जाते हैं। लेकिन सप्लाई बढ़ने और नये स्टेशन खुलने के बाद ईंधन भरवाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा।
गेल इंडिया ने मार्च महीने में ही चार नये सीएनजी स्टेशन शुरू करने की प्राथमिकता तय की है। इनमें से दो स्टेशन गेल की अपनी परियोजना के तहत बनाए जा रहे हैं। पहला स्टेशन पटना के गर्दनीबाग इलाके में और दूसरा ट्रांसपोर्ट नगर क्षेत्र में खुलेगा। इसके अलावा रिलायंस बीपी मोबिलिटी द्वारा बिहटा में और मिथलेश पेट्रोल पंप, कन्हौली में भी सीएनजी स्टेशन का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
इन चारों स्टेशनों के शुरू होते ही पटना के दक्षिणी और पश्चिमी इलाकों में सीएनजी की उपलब्धता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। अभी इन क्षेत्रों में स्टेशनों की संख्या कम होने के कारण वाहन चालकों को लंबी दूरी तय कर ईंधन भरवाने जाना पड़ता है। सीएनजी नेटवर्क के इस विस्तार का सबसे बड़ा फायदा ऑटो चालकों को मिलने वाला है। फिलहाल स्थिति यह है कि कई सीएनजी स्टेशनों पर ऑटो चालकों को तीन से चार घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। इससे न सिर्फ उनका कीमती समय बर्बाद होता है, बल्कि रोजाना की कमाई पर भी सीधा असर पड़ता है।
नये स्टेशनों के खुलने से भीड़ बंटेगी, कतारें छोटी होंगी और ऑटो चालकों को जल्दी ईंधन मिल सकेगा। इससे वे ज्यादा ट्रिप कर पाएंगे और उनकी आमदनी भी बढ़ेगी। ऑटो यूनियनों की ओर से भी लंबे समय से सीएनजी स्टेशनों की संख्या बढ़ाने की मांग की जा रही थी।
पटना जिले में सीएनजी से चलने वाले वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सबसे ज्यादा संख्या ऑटो रिक्शा की है, जो लगभग पूरी तरह सीएनजी पर शिफ्ट हो चुके हैं। इसके अलावा शहर में सीएनजी बसों, निजी कारों और यहां तक कि कुछ दोपहिया वाहनों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है।इसी बढ़ती संख्या के कारण मौजूदा सीएनजी स्टेशनों पर दबाव बना रहता है और कई बार सप्लाई व्यवस्था चरमरा जाती है। ऐसे में नेटवर्क विस्तार की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
गेल इंडिया के महाप्रबंधक एके सिन्हा के अनुसार सीएनजी सप्लाई और स्टेशन विस्तार दोनों ही मोर्चों पर तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तय लक्ष्य से भी अधिक सीएनजी स्टेशन संचालित किए जा रहे हैं और आने वाले महीनों में स्थिति और मजबूत होगी। मार्च तक चार नये स्टेशन शुरू करना प्राथमिकता में है और इसके लिए सभी तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों पर फोकस किया जा रहा है। कुल मिलाकर, सीएनजी नेटवर्क के इस बड़े विस्तार से पटना को प्रदूषण से राहत मिलने के साथ-साथ आम लोगों, खासकर ऑटो चालकों और रोजाना सफर करने वालों को बड़ी सुविधा मिलने की उम्मीद है।