Tatkal Ticket New Rules 2026: तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, अब आम यात्रियों को मिलेगा फायदा

Tatkal Ticket New Rules : भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आधार से लिंक IRCTC अकाउंट जरूरी होगा। नई तकनीक से एजेंट और बॉट्स पर रोक लगेगी, जिससे आम यात्रियों को ज्यादा फायदा मिलेगा।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 30 Jan 2026 07:32:24 AM IST

Tatkal Ticket New Rules 2026: तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव, अब आम यात्रियों को मिलेगा फायदा

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Tatkal Ticket New Rules : भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग को लेकर एक बड़ा और अहम फैसला लिया है। वर्षों से यात्रियों की यह शिकायत रही है कि तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होते ही कुछ ही सेकंड में सभी सीटें फुल हो जाती हैं। आम यात्रियों को बार-बार “टिकट नॉट अवेलेबल” का सामना करना पड़ता था, जबकि एजेंटों और सॉफ्टवेयर के जरिए टिकटों की कालाबाजारी की खबरें लगातार सामने आती रही हैं। इन तमाम समस्याओं को देखते हुए रेलवे ने 2026 में तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों और तकनीक में व्यापक बदलाव किए हैं। रेलवे का दावा है कि नए नियमों से सिस्टम ज्यादा पारदर्शी, निष्पक्ष और आम यात्रियों के अनुकूल बनेगा।


नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि अब केवल पूरी तरह सत्यापित IRCTC अकाउंट से ही तत्काल टिकट बुकिंग की अनुमति होगी। यात्रियों को अपना IRCTC अकाउंट आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना आधार वेरिफिकेशन या अधूरे प्रोफाइल वाले अकाउंट्स को तत्काल बुकिंग विंडो के दौरान ब्लॉक कर दिया जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इससे फर्जी आईडी बनाकर टिकट बुक करने और बाद में ऊंचे दामों पर बेचने वाले नेटवर्क पर प्रभावी रोक लगेगी।


बुकिंग के समय यात्रियों को वही नाम और पहचान विवरण भरना होगा जो उनके आधार या अन्य सरकारी पहचान पत्र से मेल खाता हो। पहले अक्सर यह देखा जाता था कि फर्जी नामों से टिकट बुक कर लिए जाते थे और फिर उन्हें दलालों के जरिए बेचा जाता था। नए नियमों से इस प्रवृत्ति पर लगाम लगने की उम्मीद है। रेलवे का मानना है कि पहचान सत्यापन अनिवार्य होने से वास्तविक यात्रियों को प्राथमिकता मिलेगी।


तकनीक के स्तर पर भी रेलवे ने कई बड़े सुधार किए हैं। तत्काल टिकट बुकिंग के शुरुआती कुछ मिनट सबसे अहम होते हैं, क्योंकि इसी दौरान सीटें सबसे तेजी से भरती हैं। इस समय ऑटो-फिल सॉफ्टवेयर, बॉट्स और स्क्रिप्ट्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाता था। इसे रोकने के लिए रेलवे ने ‘सोफिस्टिकेटेड टेक्निकल फिल्टर्स’ और एडवांस्ड एंटी-बॉट सिस्टम लागू किए हैं। इन फिल्टर्स की मदद से संदिग्ध गतिविधियों को तुरंत पहचान कर ब्लॉक किया जाएगा, ताकि कोई भी सॉफ्टवेयर या स्क्रिप्ट सिस्टम का गलत फायदा न उठा सके।


यात्रियों की एक और बड़ी परेशानी पेमेंट फेल होना थी। कई बार सीट कन्फर्म होने के बावजूद अंतिम चरण में भुगतान अटक जाता था और टिकट अपने आप कैंसिल हो जाता था। नए सिस्टम में पेमेंट गेटवे को और अधिक तेज, सुरक्षित और स्थिर बनाया गया है। रेलवे का कहना है कि अब पेमेंट प्रोसेसिंग पहले के मुकाबले ज्यादा स्मूथ होगी और अंतिम समय में टिकट छूटने की संभावना कम होगी।


तत्काल बुकिंग विंडो खुलते ही एजेंटों की गतिविधियों पर भी सख्त निगरानी रखी जाएगी। रेलवे ने एजेंटों के लिए नए प्रतिबंध लागू किए हैं और उनकी बुकिंग गतिविधियों को ट्रैक करने के लिए विशेष टूल्स लगाए गए हैं। शुरुआती समय में एजेंटों द्वारा की जाने वाली संदिग्ध बुकिंग पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी, ताकि आम यात्रियों को पहले टिकट मिलने का मौका मिल सके।


रेलवे ने यात्रियों के लिए भी कुछ जरूरी सलाह जारी की है। अधिकारियों का कहना है कि जिन यात्रियों का IRCTC प्रोफाइल पहले से पूरी तरह अपडेटेड और आधार से लिंक होगा, उनके लिए कन्फर्म तत्काल टिकट मिलने की संभावना पहले की तुलना में कई गुना बढ़ जाएगी। यात्रियों को यह भी सलाह दी गई है कि वे बुकिंग से पहले अपने इंटरनेट कनेक्शन, लॉगिन डिटेल्स और प्रोफाइल की स्थिति की जांच जरूर कर लें, ताकि आखिरी समय में किसी तरह की तकनीकी दिक्कत न आए।


कुल मिलाकर 2026 के ये नए तत्काल टिकट नियम भारतीय रेलवे की उस कोशिश का हिस्सा हैं, जिसके जरिए वह बुकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बहाल करना और यात्रियों का भरोसा फिर से जीतना चाहता है। अनिवार्य पहचान सत्यापन, एडवांस तकनीकी सुरक्षा और एजेंटों पर कड़ी नजर के जरिए रेलवे ने साफ संकेत दिया है कि अब दलालों और अवैध सॉफ्टवेयर के लिए सिस्टम में कोई जगह नहीं होगी। यदि ये नियम जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू होते हैं, तो आम यात्रियों के लिए तत्काल टिकट बुक करना पहले से कहीं ज्यादा आसान और भरोसेमंद हो सकता है।