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Farmer Digital ID : किसानों की डिजिटल पहचान को लेकर राज्य सरकार का बड़ा अभियान, इस डेट से शुरू होगा फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तीसरा चरण

बिहार सरकार किसानों की डिजिटल पहचान के लिए फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान चला रही है। इसका तीसरा चरण 2 से 4 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें 50 लाख किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य रखा गया है।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated Jan 30, 2026, 8:08:52 AM

Farmer Digital ID : किसानों की डिजिटल पहचान को लेकर राज्य सरकार का बड़ा अभियान, इस डेट से शुरू होगा फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तीसरा चरण

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Farmer Digital ID : राज्य सरकार किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान को तेजी से आगे बढ़ा रही है। कृषि विभाग और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के संयुक्त प्रयास से चल रहे इस राज्यव्यापी अभियान के तीसरे चरण की अवधि बढ़ा दी गई है। अब यह महाअभियान 2 फरवरी से 4 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।


इस अभियान का संचालन राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत के नेतृत्व में किया जा रहा है। अभियान को सफल बनाने के लिए जिला, अनुमंडल, प्रखंड और पंचायत स्तर तक के प्रशासनिक अधिकारी पूरी तरह से सक्रिय हैं। सरकार ने इस चरण में 50 लाख किसानों के पंजीकरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है।


किसानों को मिलेगी यूनिक डिजिटल पहचान

फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से प्रत्येक किसान को एक यूनिक डिजिटल पहचान प्रदान की जाएगी। यह डिजिटल पहचान किसानों के लिए आने वाले समय में बेहद अहम साबित होगी। इसके जरिए किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), कृषि अनुदान, सहायता राशि और फसल क्षति की स्थिति में वास्तविक मुआवजा जैसी तमाम योजनाओं का लाभ एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्राप्त कर सकेंगे।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री नहीं होगी, उन्हें भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि योजना समेत अन्य योजनाओं के लाभ से वंचित किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार लगातार किसानों से अपील कर रही है कि वे समय रहते पंजीकरण करा लें।


पंजीकरण प्रक्रिया को बनाया गया सरल

राज्य सरकार ने फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को बेहद आसान और सुगम बनाया है, ताकि अधिक से अधिक किसान इसमें भाग ले सकें। किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान मित्र या राजस्व कर्मचारी से संपर्क कर फार्मर रजिस्ट्री करा सकते हैं। इसके अलावा किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण भी कर सकते हैं। जो किसान तकनीकी रूप से सक्षम हैं, वे निर्धारित पोर्टल पर जाकर खुद भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।


आवश्यक दस्तावेज


फार्मर रजिस्ट्री के लिए किसानों को केवल कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होगी—


आधार कार्ड


मोबाइल नंबर


स्वयं के नाम से जमाबंदी (भूमि रिकॉर्ड)


सरकार का कहना है कि न्यूनतम दस्तावेजों की शर्त इसलिए रखी गई है, ताकि किसी भी किसान को पंजीकरण में परेशानी न हो।


किसानों की सुविधा के लिए हेल्पलाइन जारी

किसानों को किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 8789578914 जारी किया है। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्र के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी या जिला कृषि पदाधिकारी से भी संपर्क कर सकते हैं।


मुख्य सचिव की अपील

राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी किसानों से अपील की है कि वे फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान की बढ़ी हुई अवधि (2 से 4 फरवरी) का पूरा लाभ उठाएं और अनिवार्य रूप से अपना पंजीकरण कराएं। उन्होंने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री किसानों के हित में उठाया गया एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे और बिना किसी बाधा के किसानों तक पहुंचेगा। सरकार को उम्मीद है कि किसानों की सक्रिय भागीदारी से यह महाअभियान सफल होगा और राज्य में कृषि व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत किया जा सकेगा।