ब्रेकिंग
दो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान जेडीयू कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार पर कार्यकर्ताओं ने की फूलों की बारिश, फादर्स डे पर पिता के पैर छूकर निशांत ने लिया आशीर्वादपटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांगदो युवकों की मौत पर सदर अस्पताल में बवाल, हॉस्पिटल मैनेजर की पिटाई; परिजनों का आरोप- जिंदा लाए थे, इलाज नहीं मिलाजेडीयू की राष्ट्रीय परिषद बैठक में नीतीश कुमार के अध्यक्ष पद पर लगी मुहर, उमेश कुशवाहा को तीसरी बार प्रदेश अध्यक्ष की कमान जेडीयू कार्यालय पहुंचे नीतीश कुमार पर कार्यकर्ताओं ने की फूलों की बारिश, फादर्स डे पर पिता के पैर छूकर निशांत ने लिया आशीर्वादपटना में नवनिर्मित मकान से युवक का शव मिलने से सनसनी, परिजनों ने जताई हत्या की आशंकासुप्रीम कोर्ट पहुंचा भरत तिवारी एनकाउंटर मामला, न्यायिक जांच और पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने की मांग

राज्यसभा का MP बनते ही इतनी कम हो जाएगी नीतीश कुमार की सैलरी, जानिए CM पद से हटने के बाद किन -किन सुविधाओं में होगा बदलाव

Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने की तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद उनकी सैलरी थोड़ी कम होगी, लेकिन राजनीतिक दायरा और राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव बढ़ जाएगा। राज्यसभा सांसद बनने के साथ उन्हें नई जिम्मेदारियां,

राज्यसभा का MP बनते ही इतनी कम हो जाएगी नीतीश कुमार की सैलरी, जानिए CM पद से हटने के बाद किन -किन सुविधाओं में होगा बदलाव
Tejpratap
Tejpratap
4 मिनट

Bihar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नीतीश कुमार अब राष्ट्रीय राजनीति की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। राज्यसभा में शामिल होने के साथ ही उन्हें मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा, जिससे उनकी सैलरी, सुविधाएं और जिम्मेदारियों में बड़ा बदलाव आएगा। इस बदलाव के साथ उनके कामकाज का दायरा और जिम्मेदारी का स्वरूप भी अलग होगा।


राज्यसभा सांसद बनने पर मिलने वाली सैलरी और सुविधाएं

राज्यसभा या लोकसभा के सांसदों को हर महीने लगभग 1.24 से 1.25 लाख रुपये का मूल वेतन मिलता है। इसके अलावा कई भत्ते और सुविधाएं भी दी जाती हैं, जिससे उनकी कुल आय बढ़ जाती है। संसद सत्र के दौरान सांसदों को प्रतिदिन 2,500 रुपये का भत्ता मिलता है। इसके अलावा हर महीने कार्यालय खर्च के लिए 75 हजार रुपये, स्टाफ वेतन के लिए 50 हजार रुपये और स्टेशनरी के लिए 25 हजार रुपये मिलते हैं।


सांसदों को सुविधाओं के तौर पर दिल्ली में सरकारी आवास मिलता है। इसके साथ ही सालाना 34 मुफ्त हवाई यात्राएं, फर्स्ट क्लास रेल यात्रा, मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं और तय सीमा तक बिजली-पानी की मुफ्त सुविधा भी उपलब्ध होती है। यानी सांसद बनने के बाद भी सुविधाओं में कोई कमी नहीं रहती और उनकी जीवनशैली में संतुलन बना रहता है।


मुख्यमंत्री पद की सैलरी और सुविधाएं

मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार को हर महीने करीब 2 लाख रुपये या उससे अधिक सैलरी मिलती थी। इसके अलावा उन्हें सरकारी बंगला, लग्जरी गाड़ियां, कड़ी सुरक्षा, मुफ्त यात्रा और पूरा मेडिकल कवरेज मिलता था। साथ ही निजी स्टाफ और प्रशासनिक सहयोग भी उपलब्ध रहता था, जिससे उनके कामकाज को और प्रभावी और आसान बनाया जा सकता था। सीधे तुलना करें तो मुख्यमंत्री पद सैलरी और सुविधाओं के मामले में सांसद से अधिक फायदेमंद और ताकतवर माना जाता है।


सैलरी में कमी, लेकिन राजनीतिक प्रभाव बढ़ेगा

हालांकि सांसद बनने के बाद सैलरी थोड़ी कम हो जाएगी, लेकिन राजनीतिक प्रभाव और जिम्मेदारी का दायरा बढ़ जाएगा। दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और असर दोनों मजबूत होते हैं। राज्यसभा सदस्य के तौर पर नीतिगत फैसलों, कानून निर्माण और देश के बड़े मुद्दों में भाग लेने का मौका मिलता है, जो किसी भी नेता के लिए बेहद अहम और प्रभावशाली माना जाता है।


नीतीश कुमार का नया राजनीतिक कदम

नीतीश कुमार का यह कदम सिर्फ पद परिवर्तन नहीं है, बल्कि बिहार की राजनीति से राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखने का संकेत भी है। अब वे दिल्ली में नई भूमिका में नजर आएंगे और आने वाले समय में देखना दिलचस्प होगा कि उनकी नई पारी कितनी प्रभावी साबित होती है।


इस बदलाव के साथ नीतीश कुमार न केवल राज्य की राजनीति में, बल्कि पूरे देश की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उनका यह कदम राजनीतिक रणनीति और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने का भी संकेत देता है।