1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 30 Jan 2026 08:31:48 AM IST
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Bihar news : बिहार की राजधानी पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा से हुई दरिंदगी मामले में पुलिस ने गुरुवार को महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए 6 संदिग्धों को हिरासत में लिया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि हिरासत में लिए गए सभी लोग हॉस्टल संचालक और मालिक मनीष रंजन से जुड़े हुए हैं। फिलहाल उनसे पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है ताकि मामले की अहम कड़ियों को जोड़ा जा सके।
इस घटना की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित की गई है। एसआईटी ने हॉस्टल संचालिका और उनके बेटे से भी पूछताछ की है। इससे केस में शामिल सभी पहलुओं का अध्ययन किया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा अब पटना के अलावा जहानाबाद तक विस्तारित कर दिया गया है।
एसआईटी में अब एक आईपीएस अधिकारी और सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी के साथ अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल किए गए हैं। इससे जांच और व्यापक और तकनीकी रूप से सक्षम बनने वाली है। वर्तमान में एसआईटी में काम कर रहे अधिकारी और पुलिसकर्मियों की संख्या 30 से बढ़ाकर 50 कर दी गई है।
पुलिस ने बुधवार को हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन के जहानाबाद स्थित पैतृक गांव में छापेमारी की थी। इस दौरान मनीष रंजन के परिवार और पड़ोसियों से पूछताछ की गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही थी कि घटना के समय मनीष रंजन कहां था और आखिरी बार गांव कब आया था। तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी मिले, जिन्हें अब पटना लाकर जांच की जा रही है।
जांच के दौरान बचे हुए कुछ संदिग्धों के डीएनए सैंपल लिए गए। पुलिस ने बताया कि कुल 40 लोगों के डीएनए सैंपल एकत्र किए जा रहे हैं, जिसमें छात्रा के परिजन और केस से जुड़े अन्य लोग शामिल हैं। यह प्रक्रिया एफएसएल और एम्स की बिसरा रिपोर्ट का इंतजार करने के लिए की जा रही है। इन रिपोर्टों से स्पष्ट होगा कि छात्रा के कपड़े पर पाए गए स्पर्म किसका है, जो केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
एसआईटी ने कहा कि जांच अब तक महत्वपूर्ण स्तर तक पहुंच चुकी है। अब तक दर्जनों लोगों से पूछताछ की जा चुकी है और उनके बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इसके अलावा तकनीकी सबूतों का मिलान भी किया जा रहा है। संदिग्धों की भूमिका पाए जाने पर पुलिस ने छह लोगों को हिरासत में लिया। हॉस्टल संचालिका और उसके बेटे से भी विस्तृत पूछताछ की गई।
जांच के तहत पुलिस विभिन्न तकनीकी पहलुओं को भी खंगाल रही है। इसमें संदिग्धों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल टावर लोकेशन, गूगल लोकेशन हिस्ट्री और अन्य डिजिटल सबूत शामिल हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या घटना में कोई अजनबी व्यक्ति शामिल था या नहीं।
एसआईटी के अधिकारियों ने गुरुवार को सिटी एसपी के कार्यालय में मामले की प्रगति और अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष बैठक की। बैठक में जांच की रणनीति, संदिग्धों की पूछताछ और तकनीकी प्रमाण जुटाने की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने कहा कि जांच को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
एफएसएल की प्रारंभिक रिपोर्ट में छात्रा के कपड़े पर स्पर्म पाए जाने की पुष्टि के बाद इस मामले की जांच की दिशा बदल गई। अब पुलिस एफएसएल की बिसरा रिपोर्ट और एम्स का सेकेंड ओपिनियन मिलने का इंतजार कर रही है। इससे स्पष्ट होगा कि केस में शामिल किस व्यक्ति का डीएनए मिला है और किसे आरोपी बनाया जा सकता है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि अब तक पूछताछ और जांच से कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। संदिग्धों के बयान और तकनीकी सबूतों के मिलान से जांच तेज की जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित कर रही है कि घटना में शामिल सभी संभावित पहलुओं का अध्ययन किया जाए और जांच का दायरा व्यापक रूप से बढ़ाया जाए।
पटना पुलिस और एसआईटी लगातार मामले पर नजर बनाए हुए हैं। उनका उद्देश्य जल्द से जल्द दोषियों को गिरफ्तार करना और छात्रा को न्याय दिलाना है। फिलहाल मामले में सुरक्षा और जांच दोनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की चूक से बचा जा सके।
इस बीच छात्रा के परिजन और स्थानीय लोग भी पुलिस की कार्रवाई और जांच में तेजी की उम्मीद कर रहे हैं। सभी की निगाहें अब पुलिस द्वारा जुटाए गए तकनीकी और डीएनए सबूतों पर हैं, जो आने वाले दिनों में इस मामले में निर्णायक साबित हो सकते हैं।