1st Bihar Published by: First Bihar Updated Fri, 30 Jan 2026 07:50:32 AM IST
- फ़ोटो
Mahila Rozgar Yojana Apply : बिहार की महिलाओं के लिए आज का दिन एक बड़ी खुशखबरी लेकर आया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के दूसरे चरण की घोषणा ने लाखों महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। इस योजना के तहत पहले चरण में लाभ ले चुकी योग्य महिलाओं को अब अपना कारोबार बढ़ाने के लिए 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की शुरुआत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से की गई थी। योजना के पहले चरण में पात्र महिलाओं को 10,000 रुपये की शुरुआती सहायता DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में दी गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अनुसार, अब तक 1 करोड़ 56 लाख महिलाओं के खातों में यह राशि भेजी जा चुकी है। यह आंकड़ा अपने आप में इस योजना की व्यापकता और सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
सरकार का कहना है कि जो महिलाएं ग्रामीण या शहरी क्षेत्रों में किसी कारणवश पहले चरण में छूट गई थीं, उनके खातों में भी जल्द ही पहली किस्त भेजने की प्रक्रिया जारी है। इससे यह साफ है कि सरकार का लक्ष्य हर पात्र महिला तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
इस योजना का सबसे आकर्षक और महत्वपूर्ण पहलू इसका दूसरा चरण है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं ने पहली किस्त का सही उपयोग कर अपना रोजगार शुरू कर लिया है, अब उनका “गोल्डन टाइम” शुरू हो चुका है। रोजगार शुरू होने के 6 महीने बाद महिलाओं के काम का आकलन किया जाएगा।
यदि आकलन में यह पाया गया कि महिला ने राशि का सही उपयोग किया है और उसका रोजगार संतोषजनक ढंग से चल रहा है, तो उसे 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी। यह राशि आमतौर पर किस्तों में दी जाएगी, ताकि व्यवसाय को चरणबद्ध तरीके से मजबूत किया जा सके। हालांकि, अगर किसी महिला का कारोबार बेहद अच्छा प्रदर्शन कर रहा है, तो विशेष परिस्थिति में एकमुश्त राशि भी दी जा सकती है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का मानना है कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा असर पलायन रोकने पर भी पड़ेगा। जब महिलाओं के हाथ में रोजगार और आय के साधन होंगे, तो परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इससे राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों को मजबूरी में बिहार से बाहर नहीं जाना पड़ेगा।
मुख्यमंत्री का यह भी कहना है कि इस योजना के माध्यम से हर परिवार से कम से कम एक महिला ‘उद्यमी’ के रूप में पहचानी जाएगी। इससे महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक सम्मान बढ़ेगा, साथ ही वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी अधिक सशक्त भूमिका निभा सकेंगी।
मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना बिहार में महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। छोटी-छोटी दुकानें, सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर, डेयरी, कृषि आधारित व्यवसाय या अन्य स्वरोजगार गतिविधियां—इस योजना के जरिए महिलाएं अपने सपनों को हकीकत में बदल पा रही हैं।
कुल मिलाकर, नीतीश सरकार की यह पहल न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बना रही है, बल्कि बिहार की अर्थव्यवस्था को भी जमीनी स्तर पर मजबूती देने का काम कर रही है। आने वाले समय में जब हजारों-लाखों महिलाएं सफल उद्यमी बनेंगी, तब यह योजना वास्तव में “नारी सशक्तिकरण” की मिसाल बनकर उभरेगी।