1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Thu, 29 Jan 2026 05:53:09 PM IST
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Bihar Cabinet Meeting: बिहार कैबिनेट की बैठक में आज कई महत्वपूर्ण एजेंडों पर मुहर लगी है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के 2 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद ने सहमति दी है. भूमि सुधार उप समाहर्ताओं के नाम को बदलने पर मुहर लगी है.
बिहार के जिलों एवं अनुमंडल स्तर पर भूमि राजस्व संबंधी कार्यों के सफल क्रियान्वयन, अनुमंडल एवं जिला के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए 101 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. बिहार प्रशासनिक संवर्ग के मूल कोटि के भूमि सुधार उप समाहर्ता पद नाम से 101 पदों का स्थाई रूप से सृजित किया गया है.
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अधिकार क्षेत्र में भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को भूमि सुधार कार्यक्रमों का संचालन, भूमि विवादों का निपटारा, दाखिल खारिज अपील वादों का निपटारा, भू-राजस्व वसूली, भू-लगान निर्धारण, गैर मजरूआ मालिक / बकाश्त भूमि पर रैयती दावों का निपटारा, भू-हदबंदी वादों की सुनवाई, भू-दान भूमि संबंधी दान पत्रों की सम्पुष्टि जैसे कार्य करना होता है. मुख्यालय स्तर, प्रमण्डल स्तर एवं जिला स्तर पर आयोजित विभिन्न विभागीय समीक्षा बैठकों में यह विचार प्रस्तुत किया जाता रहा है कि अनुमंडल स्तर पर सृजित भूमि सुधार उप समार्ता एवं समकक्ष के पद को "अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी एवं समकक्ष से बदला जाय. ताकि पदस्थापित पदाधिकारी का पदनाम कार्य एवं दायित्व के अनुरूप हो. "अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी" को राजस्व विभागीय मामलों जैसे- अंचल के कर्मचारी तथा अंचल कार्यालयों का निरीक्षण तथा लेखा जाँच, भू-राजस्व की वसूली का पर्यवेक्षण, सैरातों की बन्दोबस्ती तथा ई-मापी, परिमार्जन प्लस, भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र, लोक भूमि की सुरक्षा, भू-अभिलेख डिजिटाईजेशन, भू-सर्वेक्षण का पर्यवेक्षण एवं लोक सेवाओं का अधिकार से संबंधित कार्य एवं दायित्व निर्धारित किया गया है .
ऐसे में बिहार राजस्व सेवा नियमावली, 2010 में प्रयुक्त पदनाम - भूमि सुधार उप समाहर्ता की जगह "अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी किया जा रहा है. साथ ही "अनुमंडल राजस्व पदाधिकारी का कार्य एवं दायित्व निर्धारित किया गया है।