India-Nepal Border: नेपाल से भारत आने की फिराक में 5 बांग्लादेशी, बिहार के जरिए शुरू करना चाहते हैं दूसरा खेल

India-Nepal Border: अररिया में भारत-नेपाल सीमा पर अलर्ट, 5 बांग्लादेशी तब्लीगी जमातियों पर है खुफिया निगरानी। नेपाल की मस्जिदों में कई महीनों से सक्रिय। भारत आना मकसद।

1st Bihar Published by: First Bihar Updated May 11, 2025, 2:12:39 PM

India-Nepal Border

प्रतीकात्मक - फ़ोटो Google

India-Nepal Border: भारत-पाकिस्तान तनाव और ऑपरेशन सिंदूर के बीच बिहार के अररिया जिले में नेपाल से सटी सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया है। खुफिया एजेंसियों की पांच बांग्लादेशी नागरिकों पर कड़ी नजर है। ये सभी तब्लीगी जमात से जुड़े बताए जाते हैं। तीन महीने से पांचों ढाका से काठमांडू के रास्ते नेपाल पहुंचे और सुनसरी व सप्तरी जिले की मस्जिदों में रहकर धार्मिक प्रचार कर रहे हैं। खुफिया सूत्रों को आशंका है कि ये बांग्लादेशी बिहार में प्रवेश कर सकते हैं, जिसके चलते अररिया और अन्य सीमावर्ती क्षेत्रों में चौकसी बढ़ा दी गई है।


खुफिया विभाग के अनुसार, ये पांच बांग्लादेशी नागरिक तीन महीने पहले ढाका से नेपाल के राजविराज पहुंचे थे। वहां से वे सुनसरी जिले गए और मस्जिदों में ठहरकर धार्मिक गतिविधियों में शामिल रहे। हाल ही में उनकी गतिविधियां सप्तरी जिले में देखी गईं। इनके वीजा की अवधि, जो 21 मई तक थी, बढ़ाकर 30 मई 2025 तक कर दी गई है। भारत-पाक तनाव के बीच खुफिया एजेंसियां किसी भी संदिग्ध गतिविधि को नजरअंदाज नहीं कर रही हैं। अररिया के जोगबनी को छोड़कर, नेपाल सीमा पर शाम 6 बजे के बाद आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।


भारत-नेपाल की 1,751 किमी लंबी खुली सीमा बिहार के सात जिलों सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधुबनी, सीतामढ़ी, पश्चिम चंपारण, और पूर्वी चंपारण से गुजरती है। इसे बेहद संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में अब सशस्त्र सीमा बल और बिहार पुलिस ने चेकपोस्ट्स पर जांच तेज कर दी है। वाल्मिकीनगर और जोगबनी जैसे प्रमुख सीमा बिंदुओं पर यात्रियों और सामानों की विशेष मशीनों से जांच हो रही है। ड्रोन, घुड़सवार दस्ते, और नावों से निगरानी की जा रही है। अररिया में सुरक्षा एजेंसियों, SSB, और पुलिस की नियमित बैठकें हो रही हैं, जिसमें सीमा सुरक्षा के नियमों की समीक्षा की जा रही है। चार-पहिया वाहनों पर रोक की योजना को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है, लेकिन शादी और अन्य समारोहों में ड्रोन उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।


आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की गतिविधियां पहले भी भारत में विवाद का विषय रही हैं। 2020 में दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से जुड़े कोविड-19 मामले और 2023 में बिहार के किशनगंज में जमात की गतिविधियों पर खुफिया नजर के बाद, इस संगठन की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। खुफिया सूत्रों का मानना है कि चीन और पाकिस्तान समर्थित संगठन भारत-नेपाल सीमा का इस्तेमाल घुसपैठ, तस्करी, या आतंकी गतिविधियों के लिए कर सकते हैं। अररिया, जो नेपाल के सुनसरी और सप्तरी जिलों से सटा है, विशेष रूप से संवेदनशील है।


भारत-पाक तनाव और पहलगाम हमले के बाद बिहार में हाई अलर्ट है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 10 मई को पूर्णिया में सीमावर्ती जिलों के DM और SP के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें नेपाल और बांग्लादेश से सटी सीमाओं पर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। पटना, दरभंगा, और पूर्णिया के रेलवे स्टेशनों और एयरपोर्ट्स पर डबल चेकिंग शुरू की गई है। धार्मिक स्थलों, मॉल, और होटलों पर ड्रोन और CCTV से निगरानी हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को आपातकाल के लिए तैयार रहने को कहा है, और डॉक्टरों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।