मोतिहारी में नकली तेल और शहद फैक्ट्री का भंडाफोड़, फॉर्च्यून समेत कई ब्रांड के नकली प्रोडक्ट जब्त VAISHALI: कई मामलों के आरोपित से काजू कतली लेते दिखे लालगंज के थानेदार, तस्वीरें वायरल होने के बाद उठ रहे सवाल खगड़िया में बच्चों के विवाद ने लिया हिंसक रूप, रोड़ेबाजी और फायरिंग में युवक घायल, वीडियो वायरल पूर्णिया में सूरज यादव हत्याकांड को लेकर सड़क पर उतरे लोग, कैंडल मार्च कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कैमूर में निगरानी की बड़ी कार्रवाई: 20 हजार रुपये घूस लेते सहायक निदेशक और अभियंत्रण विशेषज्ञ गिरफ्तार बेगूसराय में हथियार लहराने और फायरिंग करने का वीडियो वायरल, बालू माफिया पर केस दर्ज पटना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सघन वाहन जांच के दौरान 12 लाख कैश बरामद, स्कूटी सवार युवक-युवती को पकड़ा बक्सर में 10 हजार घूस लेते BEO रंगेहाथ गिरफ्तार, विजिलेंस की बड़ी कार्रवाई, एरियर भुगतान के लिए मांग रहा था पैसा बिहार के सभी अधिकारियों और कर्मियों के लिए नई नियमावली, सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं तो पढ़ लें यह खबर Bihar Cabinet Meeting: बिहार में 'भूमि सुधार उप समाहर्ता' पदनाम बदला जायेगा...नीतीश कैबिनेट ने लगाई मुहर, अब इस नाम से जाने जाएंगे सभी DCLR
04-Jan-2022 08:33 PM
PATNA : बिहार में कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए नीतीश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में नाइट कर्फ्यू के साथ-साथ नई बंदी से लागू कर दी गई है। स्कूलों के संचालन को लेकर भी सरकार ने फैसला लिया है। राज्य में आठवीं क्लास तक के बच्चों के लिए स्कूल बंद कर दिए गए हैं। सरकार के आदेश के मुताबिक के 21 जनवरी तक आठवीं क्लास तक के बच्चों के स्कूल बंद रहेंगे और उन्हें केवल ऑनलाइन पढ़ाई की व्यवस्था दी जाएगी।
हालांकि आठवीं से ऊपर के बच्चों को आधी उपस्थिति के साथ स्कूल बुलाया जा सकेगा सरकार ने जो आदेश जारी किया है। इसके मुताबिक शैक्षणिक संस्थानों को इससे सख्ती के साथ लागू करना होगा राज्य में कोरोना की स्थिति भयावह होती देख सरकार ने यह फैसला किया है सभी तरह के प्राइवेट स्कूलों के ऊपर भी सरकार का यह आदेश लागू होगा।
हालांकि कोचिंग संस्थानों को लेकर अब तक स्पष्ट गाइडलाइन का इंतजार है। राज्य में कोचिंग संस्थानों को भी 50 फ़ीसदी उपस्थिति के साथ ही संचालित करने का आदेश दिया गया है। नौवीं और दसवीं के बच्चों के लिए अगर कोई स्कूल ऑनलाइन पढ़ाई देना चाहते हैं तो वह भी दी जा सकती है। हालांकि इस स्कूल में किसी भी हालत में 50 फ़ीसदी से ज्यादा बच्चों की उपस्थिति की मनाही होगी।