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08-Oct-2025 03:38 PM
By First Bihar
Life Style: क्या आपको भी खांसी होते ही कफ सिरप की शीशी खोलने की आदत है, तो हो जाइये सावधान! दरअसल हर खांसी में दवा लेना आपको पंहुचा सकता है नुकसान। तो जाने कब और कितनी मात्रा में कफ सिरप लेना है सुरक्षित?
अक्सर जब लोगों को खांसी या जुकाम होता है तो वे बिना सोचे-समझे सीधे कफ सिरप पी लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हल्की खांसी में कफ सिरप लेना हमेशा सही नहीं होता? कफ सिरप लेने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि खांसी हो क्यों रही है। तभी सही इलाज हो सकता है।
खांसी क्यों होती है?
खांसी हमारे शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली है। जब हमारे गले या फेफड़ों में धूल, गंदगी या कोई बाहरी चीज़ जाती है, तो शरीर उसे बाहर निकालने के लिए खांसी करता है। इसलिए हर बार खांसी बुरी नहीं होती।
खांसी के आम कारण
वायरस – सर्दी-जुकाम या फ्लू से गीली खांसी होती है।
पोस्टनासल ड्रिप – बलगम गले में जाने से खांसी होती है।
सीओपीडी – खासकर स्मोकिंग करने वालों को होती है।
दिल की कमजोरी – इससे फेफड़ों में पानी भर जाता है और खांसी होती है।
एलर्जी/अस्थमा – धूल, पराग, फफूंद आदि से सूखी खांसी होती है।
तेज खुशबू या धुआं – गले में जलन से खांसी हो सकती है।
एसिड रिफ्लक्स – पेट का एसिड गले में आने से खांसी होती है।
कुछ दवाइयां या सूखी हवा – ये भी कारण बन सकते हैं।
रात में खांसी क्यों बढ़ती है?
रात को लेटने पर बलगम गले में जम जाता है या पेट का एसिड ऊपर आ जाता है, जिससे खांसी और ज्यादा बढ़ जाती है। दिल की कमजोरी से भी लेटने पर फेफड़ों में लिक्विड बढ़ सकता है, जिससे रात में खांसी होती है।
क्या खांसी हमेशा बुरी होती है?
नहीं, खांसी जरूरी भी होती है। जब फेफड़ों में बलगम या गंदगी जमा हो जाती है, तो खांसी से वो बाहर निकलती है। अगर खांसी को दवा से जबरदस्ती रोक दें, तो इंफेक्शन अंदर ही रह जाता है, जिससे फेफड़ों की सूजन, निमोनिया या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
कफ सिरप कब नहीं लेना चाहिए?
कफ सिरप अलग-अलग तरह की खांसी के लिए होते हैं – जैसे सूखी खांसी, गीली खांसी आदि।गलत सिरप लेने से कोई असर नहीं होता, बल्कि साइड इफेक्ट हो सकता है। इसलिए सिरप लेने से पहले ये जानना ज़रूरी है कि खांसी किस वजह से हो रही है।
कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास ?
खांसी के साथ खून आए
सांस लेने में दिक्कत हो या दम घुटे
सीने में दर्द या भारीपन लगे
खांसी 3 हफ्तों से ज़्यादा हो जाए
तेज़ बुखार या हरा-पीला कफ निकले
रात भर खांसी से नींद न आए, थकान लगे
खांसी एक आम बात है, लेकिन हर बार दवा लेना जरूरी नहीं। शरीर की सफाई के लिए भी खांसी जरूरी होती है। सही जानकारी और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर उपाय है।
Life Style: क्या आपको भी खांसी होते ही कफ सिरप की शीशी खोलने की आदत है, तो हो जाइये सावधान! दरअसल हर खांसी में दवा लेना आपको पंहुचा सकता है नुकसान। तो जाने कब और कितनी मात्रा में कफ सिरप लेना है सुरक्षित?
अक्सर जब लोगों को खांसी या जुकाम होता है तो वे बिना सोचे-समझे सीधे कफ सिरप पी लेते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हल्की खांसी में कफ सिरप लेना हमेशा सही नहीं होता? कफ सिरप लेने से पहले यह जानना ज़रूरी है कि खांसी हो क्यों रही है। तभी सही इलाज हो सकता है।
खांसी क्यों होती है?
खांसी हमारे शरीर की एक प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली है। जब हमारे गले या फेफड़ों में धूल, गंदगी या कोई बाहरी चीज़ जाती है, तो शरीर उसे बाहर निकालने के लिए खांसी करता है। इसलिए हर बार खांसी बुरी नहीं होती।
खांसी के आम कारण
वायरस – सर्दी-जुकाम या फ्लू से गीली खांसी होती है।
पोस्टनासल ड्रिप – बलगम गले में जाने से खांसी होती है।
सीओपीडी – खासकर स्मोकिंग करने वालों को होती है।
दिल की कमजोरी – इससे फेफड़ों में पानी भर जाता है और खांसी होती है।
एलर्जी/अस्थमा – धूल, पराग, फफूंद आदि से सूखी खांसी होती है।
तेज खुशबू या धुआं – गले में जलन से खांसी हो सकती है।
एसिड रिफ्लक्स – पेट का एसिड गले में आने से खांसी होती है।
कुछ दवाइयां या सूखी हवा – ये भी कारण बन सकते हैं।
रात में खांसी क्यों बढ़ती है?
रात को लेटने पर बलगम गले में जम जाता है या पेट का एसिड ऊपर आ जाता है, जिससे खांसी और ज्यादा बढ़ जाती है। दिल की कमजोरी से भी लेटने पर फेफड़ों में लिक्विड बढ़ सकता है, जिससे रात में खांसी होती है।
क्या खांसी हमेशा बुरी होती है?
नहीं, खांसी जरूरी भी होती है। जब फेफड़ों में बलगम या गंदगी जमा हो जाती है, तो खांसी से वो बाहर निकलती है। अगर खांसी को दवा से जबरदस्ती रोक दें, तो इंफेक्शन अंदर ही रह जाता है, जिससे फेफड़ों की सूजन, निमोनिया या सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।
कफ सिरप कब नहीं लेना चाहिए?
कफ सिरप अलग-अलग तरह की खांसी के लिए होते हैं – जैसे सूखी खांसी, गीली खांसी आदि।गलत सिरप लेने से कोई असर नहीं होता, बल्कि साइड इफेक्ट हो सकता है। इसलिए सिरप लेने से पहले ये जानना ज़रूरी है कि खांसी किस वजह से हो रही है।
कब जाना चाहिए डॉक्टर के पास ?
खांसी के साथ खून आए
सांस लेने में दिक्कत हो या दम घुटे
सीने में दर्द या भारीपन लगे
खांसी 3 हफ्तों से ज़्यादा हो जाए
तेज़ बुखार या हरा-पीला कफ निकले
रात भर खांसी से नींद न आए, थकान लगे
खांसी एक आम बात है, लेकिन हर बार दवा लेना जरूरी नहीं। शरीर की सफाई के लिए भी खांसी जरूरी होती है। सही जानकारी और समय पर डॉक्टर से सलाह लेना सबसे बेहतर उपाय है।