1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Sat, 24 Jan 2026 06:53:33 PM IST
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Bihar School News: बिहार शिक्षा परियोजना के तहत विद्यालय भवन निर्माण मद में प्राप्त सरकारी राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं करने के मामले में समस्तीपुर जिले के तीन विद्यालयों के पूर्व प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, प्राथमिक शिक्षा एवं सर्व शिक्षा अभियान जमालुद्दीन ने इस संबंध में अंतिम स्मार पत्र जारी करते हुए सख्त रुख अपनाया है।
डीपीओ ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर डीसी विपत्र जमा नहीं करने की स्थिति में इसे सरकारी राशि का गबन माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित पूर्व प्रधानाध्यापकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर वसूली और नीलामवाद की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2022-23 में नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों के भवन निर्माण के लिए जीओबी मद से राशि निर्गत की गई थी, लेकिन कई जगहों पर निर्माण कार्य अधूरा रहने के बावजूद अब तक विभागीय कार्यालय में डीसी विपत्र जमा नहीं किया गया है।
शिवाजीनगर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय सीमापुर बंधार के तत्कालीन प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलीप राम पर अतिरिक्त वर्ग कक्ष निर्माण के लिए जारी 7.80 लाख रुपये का डीसी विपत्र जमा नहीं करने का आरोप है। बार-बार पत्राचार और दूरभाष संपर्क के बावजूद समायोजन नहीं होने पर उन्हें 24 घंटे के भीतर विपत्र जमा करने का निर्देश दिया गया है। अन्यथा पूरी राशि ब्याज सहित बिहार शिक्षा परियोजना जीओबी के नाम ड्राफ्ट के माध्यम से जमा करनी होगी।
विभूतिपुर प्रखंड के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय मोहनपुर, वार्ड संख्या 13 के पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापक सह सहायक शिक्षक फूल कुमार पंडित पर कुल 24.77 लाख रुपये की राशि निर्गत होने के बावजूद निर्माण कार्य आंशिक रहने का आरोप है। विभागीय मूल्यांकन में बैंक खाते में 7.60 लाख रुपये शेष पाया गया है। डीपीओ ने निर्देश दिया है कि निर्धारित तिथि तक 17 लाख 17 हजार 687 रुपये का डीसी विपत्र और जीओबी खाते की विवरणी जमा की जाए। ऐसा नहीं होने पर राशि गबन मानते हुए एफआईआर और नीलामवाद की कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह विभूतिपुर प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय खराज की पूर्व प्रभारी प्रधानाध्यापिका प्रतिमा कुमारी पर भी निर्माण मद की राशि का समुचित समायोजन नहीं करने का आरोप है। विभागीय जांच के अनुसार उनके बैंक खाते में 5.93 लाख रुपये शेष होने चाहिए। उन्हें अंतिम स्मार पत्र जारी कर 18 लाख 84 हजार 326 रुपये का डीसी विपत्र और जीओबी विवरण जमा करने का निर्देश दिया गया है। निर्देशों का पालन नहीं होने पर राशि वसूली के साथ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।