Bihar Land Survey : बिहार में इन दिनों जमीन सर्वें से जुड़ें काम-काज को लेकर नए-नए अपडेट देखने को मिल रहे हैं। भूमि सर्वे के दौरान सैकड़ों एकड़ रैयती जमीन को सरकारी घोषित कर दिया गया था। इसके बाद अब सरकारी घोषित किये गये जमीन को रैयती करने के लिए ग्राम सभा लगाया जा रहा है ताकि भू-स्वामियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।
मिली जानकारी के अनुसार, प्रथम फेज में चार अंचल विशेष भूमि सर्वेक्षण का काम किया गया था। जिसमें से 19 गांव का सर्वे कार्य पूरा हो गया है। जिसमें से 17 भूमि एवं राजस्व गांव का गजट नोटिफिकेशन के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग पटना भेजा गया है। वहीं, जिन रैयतों द्वारा बिहार विशेष सर्वेक्षण कार्यक्रम के तहत अपने अपने जमीन का स्व घोषणा एवं साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया। ऐसे लोगों को रैयती खाते की जमीन गैरबंदोस्त कर सरकारी घोषित कर दिया।
इसके साथ ही जिनका रैयती जमीन सरकारी घोषित हो गया है। रैयत साक्ष्य नहीं दे पाये थे उनके पास अभी भी मौका है कि वे ग्राम सभा में साक्ष्य जमा कर दें। साक्ष्य के आलोक में पुन: रैयतों के नाम जमीन कर दिया जाएगा। रैयतों को भविष्य में होने वाली परेशानियों से बचाने के लिए अंतिम अवसर दिया जा रहा है। ने रैयतों से अपील करते हुए गया है कि निर्धारित तिथि को ग्राम सभा में जमीन से संबंधित साक्ष्य जमा कर दें। उन्होंने बताया कि ग्राम सभा में एएसओ, शिविर प्रभारी, कानून गो तथा अमीन मौजूद रहेंगे।
बताया जाता है कि ऐसे राजस्व गांव जिनका वर्तमान अंतिम अधिकार अभिलेख ( प्रपत्र-20 ) नहीं हुआ है। प्रपत्र 20 प्रकाशन से पहले जांच करना है कि उक्त मौजा में न तो सरकारी खाते की जमीन रैयती हुआ ना ही रैयती खाते की जमीन सरकारी हुआ है। किसी प्रकार की त्रुटि पाये जाने पर जाने पर गंभीरता से लिया जाएगा. जबावदेही निर्धारित कर कार्रवाई की जाएगी।
इधर, जमीनदारों द्वारा तैयार किये गए सर्वस्ता खतियान के कारण किसानों को परेशानी हो रही है। सर्वस्ता खतियान के आधार पर जमीन सर्वेक्षण पर रोक लगा हुआ है। बेलदौर, अलौली एवं गोगरी प्रखंड के हजारों किसानों को परेशानी हो रही है।





