ब्रेकिंग
बिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाबिहार कैबिनेट विस्तार: कौन हैं डॉ. श्वेता गुप्ता? जो पहली बार बनने जा रही हैं मंत्री, कई नए चेहरों को मौकाकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशाना

समस्तीपुर में भाई से अवैध वसूली कराने का आरोप, वीडियो वायरल होने के बाद आवास सहायक स्मिता कुमारी को किया गया सेवामुक्त

समस्तीपुर के हरैल पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना में अवैध वसूली का वीडियो वायरल होने पर डीडीसी ने आवास सहायक स्मिता कुमारी को तत्काल सेवामुक्त कर दिया। भाई को पैसे वसूलने भेजती थी।

bihar
अवैध वसूली का खेल
© REPORTER
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

SAMASTIPUR::समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड के हरैल पंचायत के आवास योजना में वसूली का वीडियो वायरल होने बाद  डीडीसी सूर्य प्रताप सिंह ने कार्रवाई करते हुए उक्त पंचायत के आवास सहायक स्मिता कुमारी को पद मुक्त कर दिया है। वायरल वीडियो में वसूली करने वाला युवक उक्त महिला कर्मी का भाई है। उसके सहारे ही पंचायत में अवैध वसूली का खेल कराया जा रहा था। 


यह खेल प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अन्तर्गत आवास प्लस के माध्यम से सर्वेक्षित परिवारों का चेकर वेरिफिकेशन कार्य के दौरान बदस्तूर जारी था। किसी ने इसका वीडियो बनाकर इसे सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के साथ ही इसकी शिकायत वाट्स एप के जरिए पदाधिकारियों से की थी। शिकायत मिलते ही सहायक को नोटिस निर्गत कर अपना पक्ष रखने हेतु निर्देशित किया गया। 


जवाब में बताया गया कि लाभुक विमली देवी द्वारा उनके भाई को राशि देती हुई नजर आ रही है। वह एक अन्य लाभुक का आधार कार्ड है। इससे यह स्पष्ट हो रहा कि आवास सहायक द्वारा तथ्य को छुपाया जा रहा। साथ ही इस कृत्य के लिए उनके द्वारा क्षमा याचना की मांग की गई। 


उक्त कर्मी के जवाब से यह भी स्पष्ट हो गया कि अपने विभागीय दायित्व के निर्वहन में वह गैर विभागीय व्यक्ति की मदद ले रही थी। डीडीसी ने उक्त मामले को गंभीर प्रकृति का मानते हुए तत्काल प्रभाव से उसे सेवामुक्त दिया। डीडीसी ने कहा कि आवास से जुड़े मामलों में लापरवाही  भ्रष्टचार बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत मिलने पर समुचित जांच कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टिंग
R

रिपोर्टर

RAMESH SHANKAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें