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NEET 2024 paper leak: संजीव मुखिया को पटना CBI अदालत से मिली जमानत, 90 दिन बाद भी CBI ने नहीं दाखिल किया चार्जशीट

NEET 2024 paper leak: NEET-2024 पेपर लीक मामले में आरोपी संजीव मुखिया को CBI द्वारा समय पर आरोप पत्र दाखिल न करने पर पटना की विशेष अदालत से जमानत मिल गई। अब तक 49 लोगों की गिरफ्तारी और कई आरोप पत्र दाखिल हो चुके हैं।

NEET 2024 paper leak
सजीव मुखिया
© GOOGLE
PRIYA DWIVEDI
4 मिनट

NEET 2024 paper leak: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित नीट-2024 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में पटना सिविल कोर्ट स्थित CBI की विशेष अदालत ने आरोपी संजीव मुखिया को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायाधीश सुनील कुमार सिंह की अदालत में संजीव ने बताया कि वह 90 दिनों से न्यायिक हिरासत में है, लेकिन CBI ने अब तक उसके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल नहीं किया है। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद अदालत ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167 के तहत संजीव को जमानत की मंजूरी दी।


5 मई 2024 को पूरे देश में नीट की परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के दौरान पटना के शास्त्रीनगर थाना प्रभारी अमर कुमार ने प्रश्नपत्र लीक के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया था। शास्त्रीनगर थाना में इस मामले में प्राथमिकी संख्या 358/2024 दर्ज की गई थी, जिसके बाद जांच आर्थिक अपराध इकाई को सौंप दी गई। प्रश्नपत्र लीक की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी। सीबीआई ने 23 जून 2024 को आरसी 224/2024 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। इस मामले को सीबीआई की विशेष अदालत संख्या दो में ट्रांसफर किया गया है, जिसमें यह मामला आरसी 6ई/2024 के रूप में दर्ज है।


अब तक इस मामले में कुल 49 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने 1 जुलाई 2024 को 13 आरोपियों के खिलाफ मुख्य आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद 19 सितंबर 2024 को 6 आरोपियों के खिलाफ पहला पूरक आरोप पत्र, 7 अक्टूबर 2024 को जेल में बंद 21 आरोपियों के खिलाफ दूसरा पूरक आरोप पत्र, 7 नवंबर 2024 को एक आरोपी के खिलाफ तीसरा पूरक आरोप पत्र, और 22 नवंबर 2024 को चार आरोपियों के खिलाफ चौथा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया। इस प्रकार अब तक कुल 45 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।


मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों की संलिप्तता भी सामने आई, जिसके चलते भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराएं भी आरोप पत्र में जोड़ी गईं। इससे मामला CBI की विशेष अदालत संख्या दो में स्थानांतरित कर दिया गया। खास बात यह है कि संजीव मुखिया इस मामले में लंबे समय से फरार था। वह अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक मामले में भी आरोपी है। पटना पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। CBI की मांग पर विशेष अदालत ने संजीव मुखिया के लिए 28 अप्रैल 2025 को पेशी वारंट जारी किया था और 1 मई 2025 से वह न्यायिक हिरासत में था।


संजीव मुखिया की जमानत पर रिहाई से मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत मिलने के बाद भी आरोपी जांच में सहयोग देगा और जांच प्रक्रिया में बाधा नहीं डालेगा। नीट-2024 प्रश्नपत्र लीक मामले ने देश भर में परीक्षाओं की सुरक्षा और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता को लेकर व्यापक चर्चा छेड़ दी है। केंद्र और राज्य सरकारें इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठा रही हैं ताकि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहे।

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