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BIHAR ELECTION : बिहार चुनाव को लेकर सुरक्षाबलों की तैनाती शुरू, 1800 कंपनियों के जिम्मे होगी सुरक्षा की कमान

BIHAR ELECTION : बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अब राज्य में सुरक्षाबलों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 500 कंपनियों की अग्रिम तैनाती की जा रही है

BIHAR ELECTION : बिहार चुनाव को लेकर सुरक्षाबलों की तैनाती शुरू, 1800 कंपनियों के जिम्मे होगी सुरक्षा की कमान
Tejpratap
Tejpratap
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BIHAR ELECTION : बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद अब राज्य में सुरक्षाबलों की तैनाती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 500 कंपनियों की अग्रिम तैनाती की जा रही है। ये कंपनियां पहले चरण के चुनाव के लिए पहले ही भेजी जा रही हैं, जबकि बाकी की कंपनियों की तैनाती चुनाव से पहले की जाएगी। इस बार बिहार में दो चरणों में मतदान होगा, इसलिए सुरक्षा बलों की संख्या और उनकी तैनाती की योजना अधिक विस्तृत और सघन बनाई जा रही है।


जानकारी के मुताबिक, इस चुनाव के लिए कुल 1800 कंपनियों की मांग की गई है। इसमें से अभी 500 कंपनियों की अग्रिम तैनाती की जा रही है, जबकि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से 1200 कंपनियों की और तैनाती की संभावना है। अगर इस आंकड़े को देखें तो कुल 1700 कंपनियों की तैनाती हो जाएगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय कितनी कंपनियां भेजेगा। इसकी जानकारी बुधवार को सामने आएगी। आमतौर पर चुनाव के दौरान CAPF, सीआरपीएफ, आरएएफ और अन्य केंद्रीय सुरक्षाबलों की कंपनियां तैनात की जाती हैं। बिहार में भी इन्हीं बलों की तैनाती की जाएगी।


चुनाव आयोग ने इस बार बिहार में दो चरणों में मतदान कराने का निर्णय लिया है। पहले चरण के लिए मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को होगा। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान होगा, जबकि दूसरे चरण में 122 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। ऐसे दो चरणों में चुनाव होने के कारण सुरक्षाबलों को सीटों के बीच मूवमेंट के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलेगा। इसलिए चुनाव के लिए अधिक जवानों की आवश्यकता होगी।


चुनाव आयोग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पोलिंग बूथों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और चुनाव में हिंसा की कोई संभावना नहीं रहेगी। आयोग ने यह भी कहा कि प्रत्येक पोलिंग बूथ पर अधिकतम 1200 वोटर ही होंगे। इसका मतलब यह हुआ कि इस बार पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ेगी। पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ने के साथ-साथ सुरक्षा के लिए जवानों की जरूरत भी स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएगी।


राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा बलों की कंपनियां मतदान स्थल पर तैनात रहने के अलावा, बूथों के आसपास और संवेदनशील क्षेत्रों में पैट्रोलिंग भी करेंगी। इसके साथ ही, चुनाव के दौरान सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर किसी भी तरह की अशांति पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव आयोग और पुलिस प्रशासन दोनों मिलकर सुनिश्चित करेंगे कि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।


विशेषज्ञों का मानना है कि दो चरणों में चुनाव और बढ़ते पोलिंग बूथों के कारण इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना अनिवार्य है। सुरक्षा बलों की तैनाती से मतदाता भी सुरक्षित महसूस करेंगे और चुनाव में बढ़ी भागीदारी को प्रोत्साहन मिलेगा। बिहार चुनाव के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, केंद्रीय और राज्य सरकार की ओर से लगातार समीक्षा और निगरानी, यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में मतदान प्रक्रिया सुचारू और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।