ब्रेकिंग
कैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तारकैबिनेट विस्तार से पहले बजरंगबली के दरबार में शाह-सम्राट: पटना के राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में की पूजा-अर्चनाबिहार में AI मिशन को मंजूरी: माननीय से अधिकारी तक पढ़ेंगे AI का पाठ, कैबिनेट के 20 फैसलेबिहार कैबिनेट विस्तार से पहले हलचल तेज: अमित शाह और नितिन नबीन पटना पहुंचे, मंत्रियों की लिस्ट होगी फाइनलसीवान में दिनदहाड़े ज्वेलरी शॉप से 20 लाख की लूट, तेजस्वी यादव ने सम्राट चौधरी पर साधा निशानाBihar News: भ्रष्ट DPO को 5 साल की सजा, 2 लाख कैश घूस लेते निगरानी ने 10 साल पहले किया था गिरफ्तार

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटा राज्य निर्वाचन आयोग, बनेंगे 90 हजार से अधिक पोलिंग बूथ, 5.5 लाख कर्मियों की तैनाती

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए 5.5 लाख से अधिक मतदान कर्मी तैनात किए जाएंगे। राज्य में 90 हजार से अधिक मतदान केंद्र बनाए जा रहे हैं। सभी कर्मियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा।

Bihar Election 2025
© Google
Mukesh Srivastava
3 मिनट

Bihar Election 2025: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। निर्वाचन विभाग के अनुसार, इस बार चुनाव में करीब 5.5 लाख मतदान कर्मियों की तैनाती की जाएगी। ये कर्मी पूरे राज्य में स्थापित किए जा रहे 90,712 से अधिक मतदान केंद्रों पर पीठासीन पदाधिकारी, मतदान कर्मी, माइक्रो ऑब्जर्वर और सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएं देंगे।


पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार मतदान केंद्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जानकारी के अनुसार, पहले जहां करीब 78,000 मतदान केंद्र थे, वहीं इस बार प्रत्येक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय किए जाने के कारण यह संख्या बढ़कर 90 हजार से अधिक हो गई है। इससे कर्मियों की आवश्यकता भी काफी बढ़ गई है।


चुनाव कार्यों में नियुक्त किए जाने वाले कर्मियों की सूची जिलों में जिलाधिकारी स्तर पर तैयार की जा रही है। निर्वाचन विभाग का लक्ष्य है कि सितंबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। सूची तैयार होने के बाद कंप्यूटर आधारित डाटाबेस बनाया जाएगा, जिसके जरिए रैंडमाइजेशन प्रक्रिया के तहत कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।


चुनाव कर्मियों को तैनाती से पहले तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में ईवीएम और वीवीपैट मशीन के संचालन के साथ-साथ विभिन्न चुनावी प्रक्रियाओं और दस्तावेजों के संधारण की जानकारी दी जाएगी। इन कर्मियों को प्रशिक्षित करने के लिए राज्य मुख्यालय स्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए जा रहे हैं।


प्रत्येक मतदान केंद्र पर एक पीठासीन पदाधिकारी और तीन पोलिंग अफसर तैनात किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, कुछ कर्मियों को माइक्रो ऑब्जर्वर और सेक्टर मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। बड़ी संख्या में कर्मियों को रिजर्व में भी रखा जाएगा, ताकि किसी आपात स्थिति में उनका उपयोग किया जा सके।


मतदान प्रक्रिया में केवल राज्य सरकार ही नहीं, बल्कि केंद्र सरकार के कार्यालयों और इकाइयों के कर्मियों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए सभी जिलों में जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के माध्यम से संबंधित कार्यालयों से कर्मियों की सूची मांगी गई है। इन सूचियों के आधार पर ही तैनाती की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।


चुनाव की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तैयारी तेज है। बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य में केंद्रीय बलों की आवश्यकता का आकलन कर गृह मंत्रालय को सिफारिश भेज दी है। इसके अलावा, बिहार पुलिस की भी पर्याप्त तैनाती की जाएगी।

रिपोर्टिंग
F

रिपोर्टर

FIRST BIHAR

FirstBihar संवाददाता

संबंधित खबरें