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नीतीश का गठबंधन अपराधियों के साथ, चिराग पासवान बोले- सीएम की चुप्पी से बढ़ रहा अपराध

05-Dec-2022 04:18 PM

ARWAL: बिहार में बढ़ते अपराध और अरवल में मां-बेटी को जिंदा जलाकर मार डालने की घटना के खिलाफ लोजपा(रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने आज अरवल में पदयात्रा की। पदयात्रा हजारों की संख्या में स्थानीय लोग उनके साथ सड़क पर उतरे। इस दौरान चिराग पासवान ने बढ़ते अपराध को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने अपराधियों से गठबंधन किया है जिसका नतीजा सामने आ रहा है। सीएम की चुप्पी अपराधियों के लिए मौन समर्थन के समान है, इसलिए अपराधि बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। चिराग ने कहा कि नीतीश कुमार अब कुछ भी कर लें बिहार उनसे नहीं संभलने वाला है।


चिराग पासवान ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार में महिलाओं और बच्चियों पर अपराध की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। छोटी-छोटी बच्चियों के साथ रेप की घटनाएं हो रही है। ऐसे लोगों को फांसी पर लटकाने की जरूरत है। नीतीश कुमार को सोंचना चाहिए कि वे कैसे बिहार का निर्माण करना चाह रहे हैं। बिहार में लगातार बढ़ रही अपराध की घटनाओं से साफ हो गया है कि नीतीश कुमार का गठबंधन अपराधियों के साथ है। नीतीश कुमार पहले जंगलराज की दुहाई देते नहीं थकते थे लेकिन आज उनके साथ मिलकर सरकार चला रहे हैं। बिहार में जितने अपराधी हैं सभी को नीतीश कुमार ने अपने गठबंधन की सरकार में शामिल कर लिया है।


उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कहते हैं कि जो शराब पीएगा वह मरेगा लेकिन शराब बेचने और बनाने वाले क्यों नहीं मरेंगे। शराब का कारोबार करने वालों के खिलाफ सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और लाखों लोगों को शराब के झूठे मुकदमे में जेल में डाल दिया गया है। बिहार में जो लोग शराब बना रहे हैं या जो बाहर के राज्यों से शराब की खेप बिहार ला रहे हैं उन्हें सरकार क्यों नहीं पकड़ रही है। शराब के नाम पर लाखों बेगुनाह लोगों को जेल के भीतर डाल दिया लेकिन एक भी शराब माफिया पर कार्रवाई नही की गई। नीतीश कुमार की सरकार गरीब विरोधी है और गरीबों को सताने का काम कर रही है।


चिराग ने कहा कि बिहार अपराधियों की गिरफ्त में फंस चुका है और अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी बिहार संभलने वाला नहीं है। बिहार के हर जिले में हत्या और दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। अरवल में पिछले दिनों एक के बाद एक कई हत्याएं हुई हैं। खासकर अनुसूचित जाति जनजाति और पिछड़ा वर्ग के लोगों को टारगेट किया जा रहा है। अरवल में दुष्कर्म की विरोध करने पर एक मां-बेटी को जिंदा जलाकर मार डाला गया। यह सिर्फ अरवल की ही बात नहीं है पूरे बिहार में बेखौफ हो चुके अपराधी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं बावजूद उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।


लोजपा(R) के अध्यक्ष ने कहा कि भागलपुर की घटना हो या बेगूसराय की, महिलाओं पर जिस तरह के अपराध हो रहे हैं वह कहीं से भी मांफी के योग्य नहीं है। अपराधियों के मन में पुलिस और प्रशासन का कोई डर नहीं है जिसका नतीजा है कि बदमाश वारदातों को अंजाम देने में संकोच नहीं कर रहे हैं। अपराधियों पर कार्रवाई नहीं होने से उनके मन से पुलिस और सरकार का खौफ खत्म हो गया है। इन सब घटनाओं से बड़ा अपराध मुख्यमंत्री खामोश रहकर कर रहे हैं। नीतीश कुमार की खामोशी अपराधियों का मौन समर्थन है। नीतीश कुमार के समर्थन के कारण ही बिहार में अपराध चरम पर पहुंच चुका है।


उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन के उदासीन रवैये के कारण अपराधियों के मन में खौफ खत्म हो गया है। बिहार में हो रही अपराध की घटनाओं के लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिम्मेवार हैं। राज्य में बड़ी बड़ी घटनाएं हो जाती हैं लेकिन मुख्यमंत्री पीड़ित परिवार से मिलने तक नहीं जाते हैं। ऐसे घटनाओं पर मुख्यमंत्री का दिल क्यों नहीं पिघलता है, जिस राजमहल में वे बैठे रहते हैं उससे दस कदम पर पीएमसीएच में बच्ची भर्ती थी लेकिन नीतीश कुमार उसे देखने तक नहीं गए और मुख्यमंत्री के आने की राह देखते देखते बच्ची ने दम तोड़ दिया। अगर मुख्यमंत्री को लोगों के जीने मरने से कोई मतलब नहीं है तो ऐसे मुख्यमंत्री को जनता क्यों चुनेगी।