अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
12-Nov-2022 04:08 PM
PATNA: मुजफ्फरपुर के कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उप चुनाव में जेडीयू अपना उम्मीदवार उतारेगी. ये सीट राजद के विधायक अनिल सहनी के धोखाधड़ी के एक मामले में सजायाफ्ता होने से खाली हुई है. राजद ने अपनी सीटिंग सीट जेडीयू के लिए छोड़ दी है. जेडीयू ने इस उप चुनाव में पूर्व मंत्री मनोज कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया है.
जेडीयू ऑफिस में महागठबंधन की पार्टियों के साझा प्रेस कांफ्रेंस में ये एलान किया गया. जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा कि ये सीट राजद की थी लेकिन तेजस्वी यादव ने हमलोगों के आग्रह पर ये सीट हमारे लिए छोड़ दिया है. गठबंधन का मतलब होता है कि बिना स्वार्थ की राजनीति की जाये और राजद ने उसकी मिसाल पेश की है.
प्रेस कांफ्रेंस में मौजूद राजद नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि नीतीश कुमार ने राजद के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव से आग्रह किया था कि कुढ़नी सीट जेडीयू को दे दी जाये. नीतीश कुमार के आग्रह के बाद लालू प्रसाद यादव ने महागठबंधन के सारी पार्टियों से विचार करने के बाद ये फैसला लिया है कि कुढ़नी सीट जेडीयू को दे दी जाये. अब्दुल बारी सिद्दीकी ने कहा कि कुढ़नी चुनाव को महागठबंधन की पार्टियां एकजुट होकर लड़ेंगी.
तेजस्वी का सरेंडर
उधर, राजद नेताओं का बडा वर्ग लालू-तेजस्वी के फैसले से हैरान है. बिहार में तीन महीने हुए जब राजद और जेडीयू का गठबंधन हुआ था. इस बीच तेजस्वी यादव लगातार नीतीश के सामने सरेंडर होते दिखे हैं. नीतीश कुमार के कारण राजद के मंत्री सुधाकर सिंह को जाना पड़ा. राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह पिछले डेढ़ महीने से प्रदेश कार्यालय नहीं जा रहे हैं और ना ही पार्टी के किसीस कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं. उन्हें भी नीतीश कुमार की नाराजगी के डर से साइडलाइन किये जाने की चर्चा है. राजद के किसी नेता को नीतीश कुमार के साथ साथ नीतीश के किसी फैसले पर कोई भी टिप्पणी करने से साफ मना कर दिया गया है.
ये सब तब हो रहा है जब राजद बिहार की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है. विधानसभा में कांग्रेस और वाम दलों के साथ उसके गठबंधन को बहुमत से सिर्फ कुछ विधायक ही कम हैं. कुछ दिनों पहले हुए उपचुनाव का रिजल्ट भी बताता है कि नीतीश कुमार के साथ आने से राजद को कोई खास फायदा नहीं हुआ. इसके बावजूद अगर राजद लगातार सरेंडर करती जा रही है तो पार्टी के नेता कार्यकर्ता हैरान हैं.