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05-Feb-2023 06:16 PM
By First Bihar
PATNA: जेडीयू में छिड़ी जंग के बीच उपेंद्र कुशवाहा ने 19-20 फरवरी को राज्य भर के पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक बुलायी है. इसके बाद पार्टी के भीतर खलबली मची है. अब जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह ने कुशवाहा को जवाब दिया है. ललन सिंह ने कुशवाहा को कहा है-कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना।
क्या कहा है ललन सिंह ने?
ललन सिंह ने कुशवाहा की ओर से लिखे गये पत्र को ट्वीटर डाल कर उसके साथ लिखा है।“ कहीं पर निगाहें, कहीं पर निशाना. जद (यू.) के समर्पित एवं निष्ठावान कार्यकर्ता साथियों को दिग्भ्रमित करने का प्रयास है. "ना कोई डील है और ना ही विलय की बात" - यह सिर्फ एक मनगढ़ंत कहानी है.”
दिलचस्प बात ये है कि ललन सिंह सफाई दे रहे हैं. वे जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. ये जानते हुए भी कि उपेंद्र कुशवाहा पार्टी का अनुशासन तोड़ कर बैठक बुला रहे हैं. ललन सिंह ने कार्रवाई की कोई चेतावनी तक नहीं दी है. बल्कि वे सफाई दे रहे हैं कि जेडीयू की राजद से कोई डील नहीं हुई है और विलय भी नहीं होगा. वे उपेंद्र कुशवाहा पर आरोप भी लगा रहे हैं तो इशारों में. ललन सिंह इशारों में ये कह रहे हैं कि कुशवाहा बीजेपी के साथ जाने की तैयारी कर रहे हैं।
इससे पहले आज ही उपेंद्र कुशवाहा ने जेडीयू के राज्य भर के कार्यकर्ताओं को पत्र जारी कर उन्हें पटना पहुंचने को कहा है. कुशवाहा ने कहा है-नीतीश की राजद से खास डील और जेडीयू के राजद में विलय की कवायद से पार्टी का अस्तित्व खतरे में है. ऐसे में जेडीयू कार्यकर्ता पार्टी को बचाने की पहल करें. उपेंद्र कुशवाहा ने 19 और 20 फरवरी को राज्य भर के जेडीयू कार्यकर्ताओं को पटना पहुंचने को कहा है ताकि पार्टी को बचाने की कोशिश की जा सके।
उपेंद्र कुशवाहा ने 19 और 20 फरवरी को पटना के सिन्हा लाइब्रेरी में बिहार के जेडीयू कार्यकर्ताओं की बैठक बुला दी है. ये बैठक पार्टी की अधिकृत बैठक नहीं है. कुशवाहा ने इसके लिए अपने स्तर से जेडीयू के नेताओं-कार्यकर्ताओं को पत्र जारी किया है. उन्होंने कहा है कि अब जेडीयू को बचाने के लिए कार्यकर्ताओं को ही पहल करनी होगी. नीतीश कुमार की राजद से खास डील और जेडीयू का राजद में विलय की खबरों से कार्यकर्ता हतप्रभ हैं. पार्टी समाप्त होने की ओर बढ़ रही है. ऐसे में अब पहल करना जरूरी है।
कुशवाहा ने जेडीयू कार्यकर्ताओं औऱ नेताओं को कहा है कि हमारी पार्टी अपने आंतरिक कारणों से रोज ब रोज कमजोर होती जा रही है। महागठबंधन बनने के बाद हुए विधानसभा उप चुनावों के परिणाम आने के समय से ही मैं पार्टी की स्थिति से मुख्यमंत्री जी को लगातार अवगत कराते आ रहा हूं। समय-समय पर पार्टी की बैठकों में भी मैंने अपनी बातें रखीं हैं।
विगत एक-डेढ महीने से मैंने हर संभव तरीके से कोशिश की है कि दिनानुदिन अपना अस्तित्व खोती जा रही पार्टी को बचाया जा सके। परन्तु तमाम प्रयासों के बावजूद मुख्यमंत्री जी की ओर से मेरी बातों की न सिर्फ अनदेखी की जा रही है बल्कि उसकी व्याख्या भी गलत तरीके से की जा रही है।
मेरी चिंता और जहां तक मैं समझता हूं कि आप सभी की चिंता भी इस बात को लेकर है कि अगर जदयू बिखर गया तो उन करोड़ों लोगों का क्या होगा जिनके अरमान इस दल के साथ जुड़े हुए हैं और जिन्होंने बड़े बड़े कष्ट सहकर और अपनी कुर्बानी देकर इसके निर्माण में अपना योगदान किया है।
कुशवाहा ने कहा है कि राजद की ओर से "एक खास डील" और जद (यू) का राजद के साथ विलय की चर्चा ने न सिर्फ पार्टी के निष्ठावान नेताओं/ कार्यकर्ताओं वरन आम जन मानस को भी झकझोर कर रख दिया है। ऐसी परिस्थिति में हम सबके समक्ष राजनीतिक शुन्यता की स्थिति बनती जा रही है। अतः आज आवश्यकता इस बात की आ गई है कि हम सब मिलकर उक्त विषय पर विमर्श करें। इस हेतु आप से आग्रह है कि जेडीयू कार्यकर्ता 19 एवं 20 फरवरी 2023 को पटना के सिन्हा लाइब्रेरी में इकट्ठा हों.