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12-Feb-2023 03:12 PM
By First Bihar
PATNA: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बिहार के सत्ता की कमान पूरी तरह से तेजस्वी यादव को सौंप दी है। बिहार में कैबिनेट विस्तार का फैसला अब उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव करेंगे। बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार से पहले इसे लेकर राजनीति तेज हो गई है। इसे लेकर बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री व राजसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने नीतीश के फैसले पर सवाल उठाया है।
सुशील मोदी का कहना है कि अपनी पार्टी से किसी नेता को उत्तराधिकारी बनाया जाता है लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी जेडीयू के किसी नेता को इस काबिल नहीं समझा। उन्होंने जेडीयू की बजाय आरजेडी के नेता को अपना उत्तराधिकारी घोषित कर दिया है। सुशील मोदी आगे कहते हैं कि नीतीश के इस कदम को क्या जनता दल यूनाइटेड स्वीकारेगी? क्या नीतीश कुमार ने यह फैसला जदयू की सहमति से ली है? सुशील मोदी का कहना है कि उन्हें नहीं लगता है कि जदयू का कोई विधायक नीतीश के इस फैसले को स्वीकारेगा।
उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल विस्तार का अधिकार मुख्यमंत्री को होता है लेकिन नीतीश कुमार यह कह रहे हैं कि तेजस्वी यादव ही निर्णय लेंगे। अब सवाल यह उठता है कि जब सारे फैसले जब तेजस्वी ही लेंगे तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री किस लिये हैं। कहीं इस कारण से तो वो ऐसा नहीं कह रहे हैं कि तेजस्वी की कृपा से वे मुख्यमंत्री बने हैं। नीतीश के पास 45 विधायक हैं जबकि तेजस्वी के पास दोगुना विधायक है। नीतीश कुमार तेजस्वी यादव की कृपा से मुख्यमंत्री बने हैं। इसलिए जनता दल यूनाइटेड अब पतन की ओर जा रही है। नीतीश कुमार का ग्राफ नीचे की ओर गिर रहा है। नीतीश कुमार की पकड़ ना तो प्रशासन पर है और ना ही पार्टी पर है। नीतीश कुमार में आत्मविश्वास का अभाव है।