शराब और अवैध हथियार के खिलाफ सहरसा पुलिस की कार्रवाई, घर की घेराबंदी कर अपराधी को दबोचा, हथियार-कारतूस भी बरामद मोतिहारी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 महिलाएं और 2 दलाल गिरफ्तार पटना के मरीन ड्राइव पर नहीं लगेंगी दुकानें, अब यहां बनेगा नया वेंडिंग जोन भोजपुर में अनियंत्रित ऑटो के पलटने से युवक की मौत, महिला समेत कई लोग घायल बिहार का ऑफिसर राज: चार्टर प्लेन में सपरिवार सैर कर रहे हैं IAS अधिकारी, विधानसभा में उठा मामला लेकिन सरकार ने साध ली चुप्पी दरभंगा में पत्नी की अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने वाला पति गिरफ्तार, सालभर से फरार था आरोपी, मुंबई में बना रखा था ठिकाना राष्ट्रीय स्कॉलरशिप प्रवेश परीक्षा 2026: एस.के. मंडल ग्रुप की मेधावी छात्रों के लिए बड़ी पहल Bihar Crime News: चार दिनों से लापता युवक का नदी किनारे शव मिलने से सनसनी, हत्या की आशंका BIHAR: निकाह के 1 महीने बाद बीवी ने शौहर के चेहरे पर फेंका खौलता तेल, जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहा पति दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में मनाई गई स्वामी सहजानंद सरस्वती जयंती, पूर्व सीजेआई समेत कई दिग्गज नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
26-Dec-2022 12:32 PM
PATNA : सिंगापुर में किडनी ट्रांसप्लांट की सर्जरी करवाने वाले आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती नजर आ रही हैं। सीबीआई ने लालू के खिलाफ एक पुराना मामला फिर से खोल दिया है। दरअसल, साल 2021 में जिस मामले को बंद कर दिया गया था उसी मामले में अब सीबीआई ने एक बार फिर से जांच शुरू कर दी है। यह मामला रेलवे प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार से जुड़ा हुआ है। सीबीआई ने इस मामले की जांच 2018 में शुरू की थी और मई 2021 में इस मामले को बंद कर दिया गया था लेकिन अब एक बार फिर नए सिरे से लालू के खिलाफ केस खोल दिया गया है।
लालू यादव के साथ-साथ उनके बेटे तेजस्वी यादव और बेटियों रागिनी यादव, चंदा यादव को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने इस मामले में एक बार फिर से जांच आगे बढ़ाने का फैसला किया है। बिहार में एनडीए गठबंधन से नीतीश कुमार के अलग जाने और लालू के साथ मिलकर सरकार बनाने के बाद से ही यह कयास लगाया जा रहा था कि उनके खिलाफ पुराना मामला सीबीआई एक बार फिर से खोल सकती है और अब एक बार फिर लालू के खिलाफ सीबीआई ने इस पुराने केस की फाइल खोल दी है।
यह मामला लालू यादव के रेल मंत्री रहते हुए रेलवे के अलग-अलग प्रोजेक्ट में करप्शन से जुड़ा हुआ है। लालू यादव पर आरोप है कि उन्होंने डीएलएफ ग्रुप की तरफ से साउथ दिल्ली में एक प्रॉपर्टी रिश्वत के तौर पर ली थी। आरोप है कि लालू यादव को यह प्रॉपर्टी मुंबई के बांद्रा में रेल लेंडलीज प्रोजेक्ट और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के डेवलपमेंट के तौर पर किए जा रहे प्रोजेक्ट से जोड़ते हुए दिया गया था। इस प्रॉपर्टी को डीएलएफ की तरफ से फंड की गई सेल कंपनी ने मार्केट रेट से काफी कम कीमत पर खरीदा था और सेल कंपनी को तेजस्वी यादव की ओर से खरीदे जाने का आरोप है।