Mahila Rojgar Yojana Bihar : बिहार की महिलाओं के खाते में होली के बाद आएंगे 20-20 हजार रुपए, जानिए दूसरी क़िस्त लेने के क्या है नियम Traffic Management : पटना के इन रास्तों पर इस दिन नहीं चलेंगी गाड़ियां, बदली ट्रैफिक व्यवस्था; जानिए क्या है वजह Bihar Intermediate Exam 2026 : आज समाप्त होगी बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा 2026, इस दिन तक रिजल्ट आने की उम्मीद Bihar weather : बिहार में फरवरी में ही गर्मी का असर: मौसम विभाग ने बताया तापमान बढ़ने का कारण शराब और अवैध हथियार के खिलाफ सहरसा पुलिस की कार्रवाई, घर की घेराबंदी कर अपराधी को दबोचा, हथियार-कारतूस भी बरामद मोतिहारी में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 महिलाएं और 2 दलाल गिरफ्तार पटना के मरीन ड्राइव पर नहीं लगेंगी दुकानें, अब यहां बनेगा नया वेंडिंग जोन भोजपुर में अनियंत्रित ऑटो के पलटने से युवक की मौत, महिला समेत कई लोग घायल बिहार का ऑफिसर राज: चार्टर प्लेन में सपरिवार सैर कर रहे हैं IAS अधिकारी, विधानसभा में उठा मामला लेकिन सरकार ने साध ली चुप्पी दरभंगा में पत्नी की अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने वाला पति गिरफ्तार, सालभर से फरार था आरोपी, मुंबई में बना रखा था ठिकाना
13-Jan-2023 02:13 PM
PATNA: बिहार के शिक्षा मंत्री प्रो.चंद्रशेखर के विवादित बयान के बाद देश की सियासत गरमा गई है। शिक्षा मंत्री द्वारा रामचरितमानस पर गलत टिप्पणी करने को लेकर बीजेपी के साथ साथ तमाम हिंदू सगंठनों ने मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली से पटना पहुंचे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कहा है कि भगवान श्रीराम को लेकर जिसकी जैसी भावना होती है उसे वे उसी रूप में नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान राम और कृष्ण भारत के डीएनए में हैं। बिहार के शिक्षा मंत्री की बुद्धि भ्रष्ट हो गई है, इसलिए वे इस तरह की बात कर रहे हैं।
नित्यानंद राय ने कहा है कि जिसकी जैसी भावना होती है उसको श्रीराम वैसे ही दिखते हैं। भगवान राम और कृष्ण भारत के डीएनए में हैं। बिहार के शिक्षा मंत्री ने जिस तरह का बयान दिया है वह केवल श्रीराम का ही अपमान नहीं है बल्कि देश के करोड़ो करोड़ लोगों की भावना को आहत करने वाला है। इस तरह का ओछा बयान वही व्यक्ति दे सकता है जिसकी भावनाओं में हीनता हो और जिसकी बुद्धि भ्रष्ट हो गई हो। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर का बयान अत्यंत ही निंदनीय है।
नित्यानंद राय ने कहा कि भगवान श्रीराम के द्वारा निषाद राज को अपना परम मित्र बनाना और माता सबरी के जूठे बेर खाना एक महान आदर्श को दर्शाता है। रामचरितमानस भारत के सम्मान और मर्यादा और समानता का एक बड़ा प्रतीक है। चंद्रशेखर को क्या यह पता नहीं है कि जिस महर्षी बाल्मीकि ने रामायण लिखा उनसे शिक्षा पाकर लव और कुश बड़े पुरुषार्थी बनें। उन्होंने शिक्षा मंत्री से पूछा है कि क्या उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि भगवान श्रीराम ने भारत में मर्यादा की स्थापना की।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम ने एक आदर्श की स्थापना की कि एक शासक को कैसे शासन करना चाहिए। शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को भगवान श्रीराम के तपस्वी जीवन से सीख लेने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि को लेकर जो अपना फैसला दिया क्या उससे यह प्रमाणित नहीं होता है कि भगवान राम और रामायण कितना सत्य है। लंका पर चढ़ाई के लिए जो पुल भगवान श्रीराम ने बनाया था वह आज भी मौजूद है। शिक्षा मंत्री को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि माता सीता का जन्म बिहार की पावन धरती पर हुआ था और भगवान राम ने बिहार में ही माता अहिल्या का उद्धार किया था।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने कहा कि रामचरितमानस पर अपशब्द कहकर शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने अपनी पार्टी की विचारधारा को बताने का काम किया है। रामचरितमानस के बारे में अपशब्द कहने वाले शिक्षा मंत्री ने अपनी पार्टी आरजेडी की तुष्टिकरण की विचारधारा को उल्लेखित किया है। वहीं इस दौरान केंद्रीय गृहराज्य मंत्री ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव के निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और कहा कि शरद यादव के निधन से देश की राजनीति को भारी क्षति हुई है।