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06-Dec-2022 08:36 PM
PATNA : सोमवार को राज्यसभा सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह को जब बिहार कांग्रेस की कमान मिली तो उनके समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई। मदन मोहन झा, जिनके विदाई को लेकर महीनों से अटकलें चल रही थी आखिरकार उनकी जगह अखिलेश प्रसाद सिंह को बिहार कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया गया। लेकिन अंदरूनी विवादों में घिरी रही कांग्रेस के लिए बिहार में अखिलेश प्रसाद सिंह के सहारे चल पाना कोई आसान काम नहीं है। अखिलेश प्रसाद सिंह के प्रदेश अध्यक्ष बनते ही उनके सामने पहली चुनौती भी आ गई है। आज बिहार कांग्रेस की महिला प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधायक अमिता भूषण ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
अमिता भूषण पिछले दिनों कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं से मुलाकात कर चुकी थीं। पिछले कई महीनों से वह दिल्ली में कैंप कर रही थीं। माना जा रहा था कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के दावेदारों में उनका भी नाम है। सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भी अमिता भूषण ने मुलाकात की थी। शायद उन्हें उम्मीद थी कि राहुल और सोनिया एक महिला चेहरे पर भरोसा जताएंगे लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सोमवार को अचानक से केंद्रीय नेतृत्व ने अखिलेश प्रसाद सिंह को बिहार प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष बना दिया। इसके बाद अमिता भूषण खाली हाथ हो गई लिहाजा उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
अमिता भूषण बेगूसराय जिले से आती हैं। उनका परिवार कांग्रेस से पुराना रिश्ता रखता है। अमिता भूषण की मां कभी बिहार की बलिया लोकसभा सीट से कांग्रेस की सांसद हुआ करती थीं। अमिता भूषण भी विधायक रह चुकी हैं। अमिता भूषण से जब इस्तीफे की बाबत पूछा गया तो उन्होंने नाराजगी की बात को खारिज किया है। अमिता भूषण के मुताबिक पिछले 9 साल से बिहार कांग्रेस महिला की प्रदेश अध्यक्ष पद पर थीं, उनका मानना है कि दूसरों को भी मौका मिलना चाहिए। हालांकि कांग्रेस के अंदरखाने इस बात की चर्चा हो रही है कि अमिता भूषण का इस्तीफा केवल एक शुरुआत भर है। आने वाले दिनों में अखिलेश प्रसाद सिंह के सामने ऐसी और चुनौतियां आएंगी।