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24-Mar-2020 08:25 AM
PATNA: बिहार में सब्जियों की कालाबाजारी सोमवार से शुरू हो गई है. कई सब्जी को दो गुने रेट पर बेचा जा रहा है. जिससे लोग परेशान हो गए हैं. मजबूरी में थोड़ा ही सही लेकिन सब्जी लेना पड़ रहा है.
दुकानदार लॉक डाउन का दे रहे हवाला
जब सब्जी दुकानदारों से फर्स्ट बिहार ने रेट बढ़ाने की वजह जानी तो कहा गया कि मंडी से ही सब्जियों का रेट बढ़ गया है. जिसके कारण अधिक रेट पर सब्जी बेचना पड़ रहा है. लेकिन इनके तर्क में कोई दम नहीं है. क्योंकि यह कालाबाजारी अधिक मुनाफा कमाने के लिए किया जा रहा है. जो पहले से ही प्याज और आलू गोदाम में पड़ा है. उसका लॉक डाउन से रेट बढ़ाने को कोई मतलब ही नहीं है. यह भी नहीं कहा जा सकता कि बाहर से सामान आने में दिक्कत हो रही है. क्योंकि सरकार ने लॉक डाउन से इसको बाहर रखा है.
सब्जियों के रेट इस प्रकार हो गए है
आलू 20 के बदले अब लॉक डाउन के नाम पर 30 रुपए बेचा जा रहा है. टमाटर 20 रुपए मिल रहा था अब 60 रुपए हो गया है. प्याज 25 बिक रहा था अब 40 रुपए हो गया है. फूलगोभी 20 रुपए किलो बिक रहा था जो अब 30 रुपए हो गया है. बैंगन 30 रुपए था अब 40 हो गया है. भिंडी 60 रुपए किलो बिक रहा था लेकिन अब 80 रुपए बेचा जा रहा है. इस तरह सभी सब्जियों के रेट में काफी इजाफा हुआ है.
मनमानी पर कोई रोक नहीं
सब्जियों की कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन की और से कोई रोक नहीं लगाई गई है. जिसके कारण कालाबाजारी करने वाले दुकानदारों का मनोबल बढ़ा हुआ है. यही कारण है कि सब्जियों के रेट लॉक डाउन के नाम पर बढ़ा दिया गया है और इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है.