ब्रेकिंग न्यूज़

अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?

Home / bihar / पुलिसवालों के जज्बे को सलाम, लॉकडाउन में बच्चों को पढ़ा कर कायम की...

पुलिसवालों के जज्बे को सलाम, लॉकडाउन में बच्चों को पढ़ा कर कायम की मिसाल

13-Jun-2020 09:58 PM

By SUSHIL KUMAR

BHAGALPUR : कोरोना संकट के दौर में पुलिस वाले कोरोना वॉरियर्स के तौर पर पूरे देश में हिम्मत के साथ इसका सामना करते दिखे। कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी के बीच बेखौफ होकर ड्यूटी दी ताकि लोगों को इसके कहर से बचाया जा सके। लॉकडाउन में जहां पुलिसवालों का जज्बा सिरचढ़ कर बोलता दिखा। तरह-तरह की तस्वीरें सामने आयी वहीं भागलपुर से भी एक सुखद तस्वीर सामने आयी जिसे देखने पढ़ने के बाद आप को भी इन्हें सलाम करने का दिल करेगा। 




भागलपुर के नाथनगर थाना इलाके का रेलवे केबिन इस वक्त चलता फिरता पाठशाला बना हुआ है। रेलवे केबिन के पास पुलिस विभाग के चौकीदार सचिन और कुंदन की पाठशाला चल रही है। दरअसल इन दोनों की ड्यूटी यहां लगी है। ड्यूटी के दौरान कुछ बच्चों ने आकर पढ़ाने की नन्हीं अपील इनसे की जो इन्हें भा गयी। इन्होनें वहीं रेलवे लाइन के बगल में ही ड्यूटी के दौरान कुछ खाली समय निकाल कर पढ़ाना शुरु कर दिया। 


सचिन और कुंदन लॉकडाउन के दौरान पिछले दो महीने से इलाके के वैसे गरीब बच्चों को पढ़ा रहे हैं जिनका स्कूल अभी बंद है मां-बाप अनपढ़ है खुद उन्हें पढ़ा पाने में सक्षम नहीं हैं।रेल पटरी के बगल खाली जमीन पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ ककहरा, स्लेट पेंसिल का खर्च भी ये दोनों उठा रहे हैं। बच्चों के लिए ये पुलिसवाले सर बन चुके हैं। सभी बच्चे पढ़ कर खुश है और पूरा गांव इनके जज्बे को सलाम कर रहा है।