मुंगेर में इंटर परीक्षार्थी 3 दिन से लापता, दोस्त पर अपहरण का आरोप RJD के पूर्व विधायक रियाजुल हक ने थामा JDU का दामन, लालू-तेजस्वी की पार्टी को बड़ा झटका 8 फरवरी से बिहार यात्रा पर निकलेंगे प्रशांत किशोर, हार के बाद जन सुराज को नए सिरे से खड़ा करने की तैयारी पूर्णिया में जमीन विवाद बनी बड़ी समस्या, शिवम मेडिकल कॉलेज निर्माण में अड़चन का आरोप नीट छात्रा की संदिग्ध मौत के बाद बड़ा फैसला: बिहार में गर्ल्स हॉस्टल-लॉज के लिए नियम सख्त, 24 घंटे महिला वार्डन अनिवार्य, जानिये पूरी गाईडलाइन झारखंड के गोड्डा हॉस्टल से फरार 4 नाबालिग बच्चे जमुई स्टेशन पर बरामद, GRP ने परिजनों से मिलाया PMCH और NMCH में फ्लाइंग स्क्वायड की रेड, पकड़ा गया दलाल सफाईकर्मी टर्मिनेट बिहार से लापता 3 नाबालिग बच्चियां दिल्ली से बरामद, पुलिस ने किया परिजनों के हवाले गुलज़ारबाग़ प्रिंटिंग प्रेस के दुर्लभ दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण बदहाली का आलम देखिये: दिन के उजाले में मरीज का मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ ईलाज
30-Jul-2025 03:44 PM
By First Bihar
Patna News: राजधानी पटना के राजीवनगर और दीघा क्षेत्र में 1024.52 एकड़ जमीन से जुड़ा पुराना विवाद अब अंतिम समाधान की ओर बढ़ रहा है। वर्षों से लटके इस मामले में अब स्थायी हल निकलने की उम्मीद है। प्रशासन की योजना के अनुसार, जिन जमीनों पर मकान बने हुए हैं, उन्हें न्यूनतम शुल्क पर नियमित किया जाएगा। वहीं जिन किसानों की जमीनें खाली हैं, उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा, ताकि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न हो।
दरअसल, मंगलवार को नगर विकास एवं आवास विभाग के कार्यालय में इस विषय पर एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में नगर विकास एवं आवास मंत्री जीवेश कुमार, पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, स्थानीय विधायक डॉ. संजीव चौरसिया, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव अभय सिंह और बिहार राज्य आवास बोर्ड के प्रबंध निदेशक राजीव श्रीवास्तव मौजूद थे।
बैठक के बाद विधायक डॉ. संजीव चौरसिया ने जानकारी दी कि यह मामला अब समाधान के अंतिम चरण में पहुंच चुका है और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा किए गए वादे के अनुसार, जल्द ही इसका सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मध्यम वर्ग के हितों की रक्षा करना है और इसी को ध्यान में रखते हुए हर निर्णय लिया जा रहा है।
इस निर्णय से हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है जो लंबे समय से अनिश्चितता में जी रहे थे। सरकार का यह कदम न केवल आवास सुरक्षा को सुनिश्चित करेगा, बल्कि जमीन विवाद से जुड़ी जटिलताओं को भी समाप्त करेगा।