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09-Sep-2025 11:05 AM
By First Bihar
Patna Metro: पटना में मेट्रो परियोजना के तहत सोमवार की शाम करीब 7:30 बजे लो विजिबिलिटी यानी कम दृश्यता की स्थिति में मेट्रो ट्रेन का विशेष ट्रायल सफलतापूर्वक किया गया। इस दौरान इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की टीम ने मेट्रो संचालन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं की बारीकी से जांच की। ट्रायल का मुख्य उद्देश्य था यह सुनिश्चित करना कि धुंध, कम रोशनी और खराब मौसम जैसी परिस्थितियों में मेट्रो ट्रेन की ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग व्यवस्था, हेडलाइट की क्षमता, और पटरियों पर लगे सेंसर कितनी प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं।
दिन के दौरान भी दो बार मेट्रो ट्रेन का धीरे-धीरे स्पीड बढ़ाकर ट्रायल किया गया, जो आईएसबीटी से मलाही पकड़ी कॉरिडोर के एक हिस्से में आयोजित हुआ। अधिकारियों ने बताया कि शाम के समय विजिबिलिटी कम होने पर भी मेट्रो सुचारू रूप से चलती रही और ड्राइवर को कंट्रोल सेंटर से रीयल टाइम गाइडेंस मिलता रहा। साथ ही, यात्रियों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए इमरजेंसी लाइटिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी टेस्टिंग की गई।
पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (पीएमआरसीएल) के अधिकारियों का कहना है कि यह ट्रायल सुरक्षा मानकों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण अभ्यास था, जिसने यह साबित किया कि मौसम की किसी भी अनिश्चितता के बावजूद मेट्रो सेवा निरंतर और सुरक्षित रूप से चलायी जा सकेगी। आगामी दिनों में ऐसे और भी ट्रायल किए जाएंगे ताकि औपचारिक उद्घाटन से पहले तकनीकी कमियों को दूर किया जा सके।
मेट्रो परियोजना के समय पर पूरा होने की संभावना इससे और भी मजबूत हो गई है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि इस ट्रायल के अनुभव से मिली जानकारी का उपयोग करते हुए ट्रेन संचालन में और सुधार किए जाएंगे। इसके अलावा, मेट्रो स्टेशन पर सुरक्षा कैमरों, फायर अलार्म सिस्टम, और आपातकालीन निकासी व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है, ताकि यात्रियों को हर स्थिति में सुरक्षित और सहज सेवा प्रदान की जा सके।
पटना मेट्रो परियोजना को शहर की बढ़ती आबादी और यातायात समस्याओं को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में राजधानी पटना में ट्रैफिक जाम कम होगा और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। इस परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।