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14-Oct-2025 03:02 PM
By First Bihar
Bihar Chhath Puja: बिहार में छठ महापर्व की तैयारियां अब जोर-शोर से चल रही हैं और प्रशासन पूरी सतर्कता के साथ पर्व की सुरक्षा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने में जुटा है। पटना के प्रमंडलीय आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर ने इस संदर्भ में घाटों का निरीक्षण किया और छठ महापर्व की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उनके साथ जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा, नगर आयुक्त यशपाल मीणा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आयुक्त ने दीघा-पाटीपुल घाट से कलेक्टोरेट घाट तक लगभग 9 किलोमीटर पैदल चलकर घाटों की स्थिति का जायजा लिया और सुरक्षा व व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने बताया कि छठ महापर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु सूर्य देव की पूजा के लिए घाटों पर आते हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को पुख्ता सुरक्षा इंतजाम, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष निर्देश दिए। खतरनाक या असुरक्षित घाटों को चिन्हित किया गया है ताकि लोग वहां पर्व करने से बचें।
घाटों के भौगोलिक विशेषताओं, जल-स्तर, एप्रोच रोड, कटाव, ढलान और गड्ढों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को बैरिकेडिंग, साइनेज, कंट्रोल रूम, वाच टावर, प्रकाश व्यवस्था, चेंजिंग रूम, पेयजल, शौचालय, वाहन पार्किंग और सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती, नाव-नाविकों और गोताखोरों की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत और बचाव कार्य किया जा सके।
अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि घाटों पर आने-जाने वाले मार्गों का यातायात सुचारु और सुरक्षित रूप से संचालित हो। इसके लिए अल्टरनेट रूट्स, पुलिस फ्लैग मार्च और मोबाइल पेट्रोलिंग का प्रावधान किया गया है। प्रशासन ने स्थानीय वॉलंटियर्स और एनजीओ के साथ समन्वय स्थापित किया है ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यक सेवाएं जैसे पेयजल, शौचालय और स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर मिल सकें।
छठ महापर्व के दौरान सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कोविड-19 और अन्य संक्रामक रोगों से बचाव के लिए आवश्यक उपायों को भी लागू किया जाएगा। आयुक्त पराशर ने कहा कि इस बार प्रशासन ने सभी घाटों पर सघन निगरानी और नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है ताकि किसी भी आपात स्थिति में तेजी से कार्रवाई की जा सके।
इस प्रकार, बिहार प्रशासन ने छठ महापर्व को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा लिए हैं, ताकि पर्व धार्मिक आस्था और उत्साह के साथ शांतिपूर्ण रूप से मनाया जा सके।