अरवल में हम पार्टी का सदस्यता अभियान तेज, गरीब चौपाल यात्रा से जनता की समस्याओं को मिलेगा मंच: डॉ. संतोष सुमन रोहतास पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 7 कुख्यात अपराधियों को दबोचा, कई कांडों का किया खुलासा मुजफ्फरपुर कांग्रेस में ‘दो’ जिलाध्यक्ष? आलाकमान की सूची ने बढ़ाया कन्फ्यूजन, चर्चाओं का बाजार गर्म आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर दर्दनाक हादसा: ट्रक की टक्कर से 10 वर्षीय बच्ची की मौत, मामा घायल भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, अवैध करेंसी के साथ 2 तस्करों को दबोचा पटना में नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 128 नशीले इंजेक्शन के साथ 2 गिरफ्तार मुजफ्फरपुर सब्जी मंडी में युवती की गोली मारकर हत्या, प्रेम-प्रसंग में मर्डर की आशंका BIHAR CRIME: अरवल में दिनदहाड़े फायरिंग, इलाके में मचा हड़कंप बरारी में राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता का भव्य स्वागत, विकास के मुद्दों पर हुई अहम चर्चा बिहार सरकार की सख्ती का असर: काम पर लौटे 30 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारी, बाकी 31 के लिए डेडलाइन तय; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
11-Feb-2026 11:50 AM
By FIRST BIHAR
Bihar Police News: मुजफ्फरपुर जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पुलिसिया कामकाज में जवाबदेही तय करने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेस कुमार मिश्रा ने एक बड़ी कार्रवाई की है। एसएसपी की इस अचानक की गई कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। कर्तव्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में मिठनपुरा थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए उनके निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जबकि मनियारी थाने के एक सब-इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
देर रात एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने अचानक मिठनपुरा थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान वे यह देखना चाहते थे कि रात्रि गश्त और थानों की सुरक्षा व्यवस्था के जो कड़े निर्देश दिए गए हैं, उनका पालन जमीनी स्तर पर हो रहा है या नहीं। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि मिठनपुरा थानाध्यक्ष न केवल थाने से नदारद थे, बल्कि वे क्षेत्र में गश्त पर भी नहीं थे।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से इसे एक गंभीर लापरवाही मानते हुए एसएसपी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने थानाध्यक्ष के खिलाफ निलंबन की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया और उनसे पूछा है कि इस घोर लापरवाही के लिए उन्हें पद से क्यों न हटाया जाए।
दूसरी ओर, मनियारी थाने में तैनात पुलिस अवर निरीक्षक (SI) कन्हैया कुमार पर भी बड़ी गाज गिरी है। उन पर केसों के अनुसंधान में अत्यधिक शिथिलता बरतने और समय पर जांच पूरी न करने के गंभीर आरोप थे। विभागीय समीक्षा में पाया गया कि वे अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह रहे हैं। इसके बाद एसएसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। निलंबन की अवधि के दौरान उन्हें केवल नियम अनुसार जीवन-यापन भत्ता ही देय होगा।
इस कार्रवाई के बाद एसएसपी कांतेस कुमार मिश्रा ने जिले के सभी थाना प्रभारियों और पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि रात के समय पुलिस की मौजूदगी सड़कों पर दिखनी चाहिए ताकि अपराधियों में भय और जनता में सुरक्षा का भाव बना रहे।
वहीं अवैध शराब की तस्करी और खनन माफियाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए सख्त कार्रवाई की जाए। आम नागरिकों के साथ पुलिस का व्यवहार शालीन होना चाहिए और उनकी शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो।
एसएसपी की इस "सफाई अभियान" वाली कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि मुजफ्फरपुर पुलिस में अब ढिलाई के लिए कोई जगह नहीं है। आने वाले दिनों में जिले के अन्य थानों में भी इसी तरह के औचक निरीक्षण की संभावना बनी हुई है।