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16-Aug-2025 01:31 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के रोहतास जिले के सासाराम में 15 अगस्त को एक अनोखी घटना ने क्षेत्र में तनाव पैदा कर दिया है। करगहर के मां काली मंदिर परिसर में भारत की स्वतंत्रता की तारीख 15 अगस्त 1947 या 1942 को लेकर दो गुटों में बहस शुरू हुई जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। इस दौरान चाकूबाजी में चार लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।
घटना के अनुसार करगहर निवासी मंटू गोस्वामी और बघवा गोस्वामी मंदिर परिसर में बैठे थे, तभी आनंद सागर साह और गुड्डू कुमार साह वहां पहुंचे। बैठक हुई और बैठक में स्वतंत्रता दिवस की चर्चा के दौरान एक पक्ष ने दावा किया कि भारत 1942 में ही आजाद हुआ था। जबकि दूसरा पक्ष 1947 की तारीख पर अड़ा रहा।
एक पक्ष का मानना था कि भारत 1942 में ही आजाद हुआ था। उन्होंने 'भारत छोड़ो आंदोलन’ (8 अगस्त 1942) को ही भारत की स्वतंत्रता की तारीख़ मान रखा था और उसी पर अड़े थे। जिसके बाद तर्क-वितर्क गाली-गलौज में बदला और फिर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर चाकू से हमला कर दिया। घायलों में आनंद सागर साह और मंटू गोस्वामी को गंभीर हालत में सासाराम सदर अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि गुड्डू कुमार साह और बघवा गोस्वामी का इलाज करगहर सीएचसी में चल रहा है।
करगहर थानाध्यक्ष कमलनयन पांडेय ने बताया है कि पुलिस ने शिकायत दर्ज करने के लिए आवेदन मांगा है और जांच शुरू कर दी गई है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यह विवाद ऐतिहासिक तथ्य पर भ्रम से शुरू हुआ और यह न केवल सामाजिक तनाव को दर्शाता है बल्कि शिक्षा और जागरूकता की कमी को भी उजागर करता है। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।