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22-Aug-2025 12:43 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार के नालंदा जिले में ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए 13 नई सड़कों के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है। जिला प्रशासन ने इस योजना की विस्तृत रिपोर्ट राज्य मुख्यालय को सौंप दी है। जिसे डीएम कुंदन कुमार ने तैयार किया है। इस परियोजना से जिले के 3 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह योजना नालंदा के ग्रामीण इलाकों में यातायात सुगम बनाने, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान करने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेष रूप से मानसून के दौरान बारिश से कटने वाली सड़कों की समस्या को हल करने पर ज्यादा जोर दिया गया है।
इन 13 सड़कों का निर्माण नालंदा के विभिन्न प्रखंडों को समान रूप से कवर करेगा ताकि ग्रामीण क्षेत्रों का संतुलित विकास हो सके। रहुई प्रखंड में अंबा बजरंगबली मंदिर से एनएच-78 तक कादी बिगहा के रास्ते 2.250 किमी लंबी सड़क प्रस्तावित है जो धार्मिक पर्यटन और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देगी। जबकि चंडी प्रखंड में चिश्तीपुर गांव तक 2.680 किमी, सिकरिया से पितोखरी तक 1.600 किमी और लालगंज-राजाबाद रोड से चंडी रेलवे स्टेशन तक 750 मीटर की सड़कें बनेंगी। चंडी रेलवे स्टेशन से जुड़ने वाली सड़क यात्रियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगी क्योंकि यह रेलवे कनेक्टिविटी को ग्रामीण क्षेत्रों से जोड़ेगी।
सबसे लंबा प्रस्तावित मार्ग बिहार शरीफ एकंगरसराय एनएच से ईशापुर होते हुए होरिल बिगहा से मनारा पथ तक 5.200 किमी का है जो कई गांवों को आपस में जोड़ेगा। अन्य मार्गों में नगरनौसा प्रखंड में सैदनपुर से रामपुर तक 1.400 किमी, हरनौत में चेरन-धरमपुर से डिहरा-फलहनवा तक 1.050 किमी, नूरसराय में नूरसराय-हिलसा पथ से गौंढ़ापर तक 1 किमी और रसुला धनवां पथ व कैड़ी-मिल्कीपर पथ से पावापट्टी पासवान टोली तक 1.5 व 1.110 किमी की सड़कें शामिल हैं।
यह योजना बिहार सरकार की मुुख्यामंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत ग्रामीण कनेक्टिविटी को बढ़ाने के व्यापक लक्ष्य का हिस्सा है। मानसून में बारिश के कारण गांवों का संपर्क टूटने की समस्या को खत्म करने के लिए ये सड़कें सालभर उपयोगी होंगी। इससे ग्रामीणों को बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंचने में आसानी होगी और कृषि उत्पादों के परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को भी नई गति मिलेगी।