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17-Nov-2021 06:55 AM
PATNA : बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग में एक सख्त कदम उठाते हुए राज्य के 65 डॉक्टरों के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है। बिहार में टीकाकरण महाअभियान के दौरान ड्यूटी से गायब रहने वाले इन डॉक्टरों के ऊपर गाज गिरी है। आपको बता दें कि 18 अक्टूबर को राज्य में टीकाकरण महाअभियान चलाया गया था। इस दौरान राज्य के 65 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को गैरहाजिर पाया गया। इस लापरवाही को देखते हुए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों के वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है।
जिन डॉक्टरों के वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है उनमें कुछ शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से इन डॉक्टरों को चेतावनी भी दी गई है। विभाग ने सबसे पहले इन डॉक्टरों को शो कॉज किया था लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद आखिरकार इन सभी के एक वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी गई है।
राज्य स्वास्थ्य समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि 18 अक्टूबर को कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए आयोजित टीकाकरण महाअभियान के दौरान ये प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ड्यूटी से गायब पाए गए। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने इन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों से 48 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन इन 65 चिकित्सा पदाधिकारियों ने निर्धारित समय सीमा के अंदर स्पष्टीकरण नहीं दिया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि स्पष्टीकरण नहीं देने से लगता है कि इन्हें अपने बचाव में कुछ नहीं कहना है।