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कोरोना काल में हिंसा और महिलाओं की मानसिक समस्या पर विशेष चर्चा, 6 जून को ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करेगा एडवांटेज केयर

PATNA : कोविड महामारी ने बहुत कुछ बदल दिया। पिछले 15 माह में हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। दिनचर्या बदल गया है। व्यवहार में परिवर्तन आया है। घर से काम करने का चलन शुरू हुअ।

कोरोना काल में हिंसा और महिलाओं की मानसिक समस्या पर विशेष चर्चा, 6 जून को ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित करेगा एडवांटेज केयर
First Bihar
7 मिनट

PATNA : कोविड महामारी ने बहुत कुछ बदल दिया। पिछले 15 माह में हमारी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है। दिनचर्या बदल गया है। व्यवहार में परिवर्तन आया है। घर से काम करने का चलन शुरू हुअ। ऑनलाइन पढ़ाई होने लगी। लेकिन इन सब का नाकारात्मक असर महिलाओं पर पड़ा है। उनका बोझ बढ़ा गया है। फिर नौकरियां भी बड़ी संख्या में गई। इसका भी सीधा असर महिलाओं पर पड़ा है। घरेलू हिंसा में वृद्धि हुई है। महिला पहले से ज्यादा मानसिक परेशानियों  से घिर गई हैं।


इन्हीं सब मुद्दों को मद्देनजर एडवांटेज केयर ने अपने डायलॉग सीरीज के तीसरे एपिसोड के चर्चा का विषय ‘महिला और स्वास्थ्य‘ रखा है। इस पर देश और बिहार की जानी मानी विशेषज्ञ व शिक्षाविद् महिलाओं की स्थिति पर चर्चा करेंगी। वहीं इससे निकलने के रास्ते भी सुझाएंगी। यह ऑनलाइन कार्यक्रम छह जून को 12 से 1.30 बजे तक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म जूम और यूट्यूब https://youtu.be/cuPakF7MnVM पर सीधे जुड़ कर देखा जा सकता है। यह निःशुल्क है। देश-विदेश से कहीं से कोई भी महिला या व्यक्ति कार्यक्रम से जुड़ कर लाभ उठा सकते हैं। एडवांटेज केयर के संस्थापक खुर्शीद अहमद ने बताया कि चर्चा में सेंट्रल फॉर सोशल रिसर्च की निदेशक व वीमेन पॉवर कनेक्ट की अध्यक्ष डॉ. रंजना कुमारी (दिल्ली), गुंज की सह-संस्थापक मीनाक्षी गुप्ता (दिल्ली), महावीर


कैंसर संस्थान के मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की अध्यक्ष और एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. मनीषा सिंह (पटना) और एएन कॉलेज में इतिहास की एसोसिएट प्रोफेसर व एमबीए की प्रोफेसर इन चार्ज डॉ. रत्ना अमृत (पटना) विशेषज्ञ की रूप में शामिल होंगी। ये महिला स्वास्थ्य पर अपनी राय व्यक्त करेंगी। कार्यक्रम का संचालन अवार्ड विनिंग टी.वी. एंकर एवं माॅडरेटर अफषा अंजुम करेंगी।


कोविड में तीन गुणा बढ़ गई है घरेलू हिंसा - डॉ. रंजना
डॉ. रंजना कुमारी ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहती  हैं कि कोविड महामारी के अंदर भी एक महामारी चल रही है, वह है घरेलू या महिला हिंसा में अप्रत्याशित वृद्धि। कोविड काल में घरेलू या महिला हिंसा तीन गुणा बढ़ गई है। उन्हें पूरे देश से कॉल आ रहे हैं। महिलाएं अपना दुःख सुना रही हैं। वो चुपके से फोन करती हैं और मार्गदर्शन मांगती हैं। उन पर अतिरिक्त भार आ गया है। उन्हें सास-ससुर, पति और बच्चे की अतिरिक्त सेवा कर रही हैं। नौकरी चले जाने से या घर से काम करने से महिलाओं पर बोझ बढ़ गया है।


डॉ. रंजना के मुताबिक सिर्फ मई माह में एक करोड़ लोगों की नौकरी चली गई। पिछले वर्ष से पांच से छह करोड़ लोगों की नौकरी चली गई थी। इसका भी असर महिलाओं पर ही पड़ रहा है। एक तो उनकी भी नौकरी गई। दूसरी, यदि पति की नौकरी गई तो घर में कलह बढ़ गया। 10 प्रतिशत कम महिलाओं ने कोरोना का टीका लगवाया है। इसी तरह कोविड में जो लोग अस्पतालों में भर्ती हुए उनमें महिलाएं कम थीे। अर्थात उनका इलाज घर पर ही किया गया। अब कोरोना की तीसरी लहर की बात चल रही है जिसका असर बच्चों पर ज्यादा होगा। इस स्थिति में भी महिला मानसिक पीड़ा से गुजरेंगी। ऐसे में सरकार महिला परक नीति बनाएं।


कई न्यूज पोर्टल पर भी यह कार्यक्रम लाईव प्रसारित होगा
खुर्शीद अहमद ने बताया कि यूट्यूब  पर कार्यक्रम तो प्रसारित होगा ही। फर्स्ट बिहार-झारखंड समेत कई न्यूज पोर्टल से भी इस कार्यक्रम को प्रसारित करने की बात चल रही है। दर्शक इस वेब पोर्टल फर्स्ट बिहार-झारखंड पर जाकर भी तय समय पर कार्यक्रम देख सकते हैं।


पिछले रविवार को आयोजित कार्यक्रम काफी सफल हुआ था
खुर्शीद अहमद अहमद ने बताया कि पिछले रविवार को  इस तरह की चर्चा की शुरुआत की गई, जो काफी सफल रहा। लोगों ने काफी सराहा। कार्यक्रम दो सत्रों में आयोजित किया गया था। जिसमें देश के नामचीन लोग हिस्सा लिए थे। 900 लोग कार्यक्रम से सीधे जुड़े जबकि प्रिंट, इलेट्रॉनिक और सोशल मीडिया के माध्यम से 28 लाख लोेगों ने कार्यक्रम में हुई चर्चा के बारे में पढ़ा और जाना।


इसी वर्ष एडवांटेज केयर की स्थापना हुई है
एडवांटेज ग्रुप के संस्थापक एवं सीईओ खुर्शीद अहमद ने बताया कि एडवांटेज केयर की स्थापना एडवांटेज सपोर्ट के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी वर्तमान समस्या को देखते हुए इसी वर्ष किया गया है। एडवांटेज ग्रुप ने सीएसआर (कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व) के लिए एडवांटेज सपोर्ट की स्थापना वर्ष 2007 में की थी। प्रसिद्ध सर्जन डॉ. ए.ए. हई एडवांटेज सपोर्ट के अध्यक्ष हैं।


खुर्शीद अहमद एडवांटेज सपोर्ट के सचिव हैं। वहीं ट्रस्टी के रूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर सैयद सबा करीम, भारती भवन के प्रकाशक एवं वितरक संजीब बोस, शिक्षाविद प्रो. सैयद नफीस हैदर, वरिष्ठ पत्रकार संजय सलील, डॉ. रंजना कुमारी, चेयरपर्सन ऑफ वीमेन पावर कनेक्ट, शिक्षाविद सैयद सुल्तान अहमद, फैजान अहमद, डॉ. परवेज अख्तर, रिटायर्ड डीआईजी, ओवियन चेलवेन, राजीव रंजन और चंद्रमणि सिंह शामिल हैं। एडवांटेज ग्रुप 29 साल पुरानी कंपनी है, जो पीआर, विज्ञापन, पब्लिक अफेयर, इवेंट्स, एक्टिवेशन आदि क्षेत्र में सक्रिय है।


कोविड महामारी में एडवांटेज केयर ने काफी काम किया। कई लोगों को अस्पताल में बेड दिलवाने में मदद की, ऑक्सीजन की व्यवस्था की। दो एंबुलेंस भी मुफ्त में शहरवासियों को उपलब्ध कराया है, अब तक 20 लोगों ने इस सेवा का लाभ उठाया है। यही नहीं, एडवांटेज केयर अस्पताल में भर्ती मरीज के 4000 परिजनों एवं जरूरतमंदों को खाना खिला चुके हैं और 5000 लोगों को खाना भी मुहैया करा रहा है। एडवांटेज केयर लोगों को कोरोना टीकाकरण के लिए जागरूक बना रही है और अब तक 54 लोगों का टीकाकरण करवा चुकी है। यह समय समाज में अपनी क्षमता से ज्यादा एवं सेवा भावना को रखते हुए समाज की सेवा में अपना धन, मन एवं समय दें। भगवान आपको जरूर उसका नेकी देगा। समय सोचने का नही है करने का है।