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Life Style: नींद कम या ज्यादा? दोनों हैं खतरनाक, जानिए...

Life Style: भागदौड़ भरी ज़िंदगी और व्यस्त रूटीन के बीच नींद अक्सर सबसे कम प्राथमिकता में चली जाती है। कई बार लोग यह सोचते हैं कि 6 या 7 घंटे की नींद पर्याप्त है, जबकि कुछ लोग 9 घंटे सोने के बाद भी थकावट महसूस करते हैं।

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PRIYA DWIVEDI
3 मिनट

Life Style: भागदौड़ भरी ज़िंदगी और व्यस्त रूटीन के बीच नींद अक्सर सबसे कम प्राथमिकता में चली जाती है। कई बार लोग यह सोचते हैं कि 6 या 7 घंटे की नींद पर्याप्त है, जबकि कुछ लोग 9 घंटे सोने के बाद भी थकावट महसूस करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर एक वयस्क को रोज कितनी नींद लेनी चाहिए?


नींद पर आधारित कई रिसर्च और अध्ययन, जिनमें PubMed जैसी प्रतिष्ठित साइट पर प्रकाशित रिसर्च भी शामिल हैं, यह बताते हैं कि एक स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखने के लिए 18 से 64 साल के वयस्कों को हर रात 7 से 9 घंटे की नींद लेनी चाहिए। एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह नींद का दायरा शारीरिक रिकवरी, मानसिक स्वास्थ्य और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए सबसे उपयुक्त है।


नींद की जरूरत हर व्यक्ति के लिए अलग-अलग हो सकती है। कुछ लोग केवल 7 घंटे की नींद में ही तरोताजा महसूस करते हैं, तो कुछ को पूरी तरह फ्रेश महसूस करने के लिए 9 घंटे की नींद चाहिए होती है। 65 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों के लिए आमतौर पर 7 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त मानी जाती है। बच्चों और किशोरों को इससे ज्यादा नींद की आवश्यकता होती है।


केवल नींद की अवधि ही नहीं, नींद की गुणवत्ता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। बार-बार नींद टूटना, बेडरूम का शोरगुल, स्क्रीन टाइम, कैफीन का अधिक सेवन, या मानसिक तनाव नींद की गुणवत्ता को प्रभावित करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, डीप स्लीप या REM स्लीप का पर्याप्त मिलना ज़रूरी है, वरना आप चाहे जितने भी घंटे सो लें, शरीर और दिमाग को पूर्ण आराम नहीं मिल पाता।


अगर आप रोजाना केवल 6 घंटे या उससे कम नींद ले रहे हैं, तो यह धीरे-धीरे आपके मूड, एकाग्रता, मानसिक संतुलन और इम्यूनिटी पर नकारात्मक असर डाल सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति 9 घंटे से ज्यादा नियमित रूप से सो रहा है, तो यह डिप्रेशन, थायराइड, या अन्य मेडिकल कंडीशन का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।


अच्छी नींद के लिए कुछ डेली लाइफ की आदतें अपनाएं, जिसमें रोजाना एक तय समय पर सोना और उठना। सोने से पहले डिजिटल डिवाइस जैसे मोबाइल, लैपटॉप से दूरी बनाना। सोने से कम से कम 2 घंटे पहले भारी खाना और कैफीन से परहेज। रूम को ठंडा, अंधेरा और शांत रखें अच्छी नींद के लिए माहौल भी जरूरी है। इसके साथ ही योग, ध्यान और किताबें पढ़ना जैसे एक्टिविटी सोने से पहले मानसिक शांति देती हैं। 


नींद केवल शरीर को आराम देने का जरिया नहीं है, यह एक आवश्यक जैविक क्रिया है जो हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है। इसलिए आज से ही अपने नींद के रूटीन पर ध्यान देना शुरू करें, क्योंकि अच्छी नींद = बेहतर स्वास्थ्य + लंबी उम्र।