ब्रेकिंग
केंद्रीय मंत्री ललन सिंह का PA बनकर जेल IG को किया फोन, एक कैदी को जेल ट्रांसफऱ करने के लिए कहा, फिर क्या था...तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, दो नाबालिग ममेरे भाइयों की मौत; तीसरा गंभीरPM मोदी का वीडियो हटाने पर संसदीय समिति सख्त, जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी मांगने की चेतावनीपप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की जीत के बहाने RJD पर बोला हमला, तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर उठाए सवालक्या 2,000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट करना होगा महंगा? जानिए किस पर पड़ेगा असर और क्या है पूरा नियमकेंद्रीय मंत्री ललन सिंह का PA बनकर जेल IG को किया फोन, एक कैदी को जेल ट्रांसफऱ करने के लिए कहा, फिर क्या था...तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक में मारी जोरदार टक्कर, दो नाबालिग ममेरे भाइयों की मौत; तीसरा गंभीरPM मोदी का वीडियो हटाने पर संसदीय समिति सख्त, जुकरबर्ग को 3 दिन में माफी मांगने की चेतावनीपप्पू यादव ने प्रशांत किशोर की जीत के बहाने RJD पर बोला हमला, तेजस्वी यादव के नेतृत्व पर उठाए सवालक्या 2,000 रुपये से ऊपर UPI पेमेंट करना होगा महंगा? जानिए किस पर पड़ेगा असर और क्या है पूरा नियम

CBI Operation Chakra: CBI का ऑपरेशन चक्र: फर्जी दस्तावेज़ों से सिम जारी, साइबर ठगी में इस्तेमाल

CBI Operation Chakra: CBI का ऑपरेशन चक्र: भारत के 8 राज्यों में साइबर क्राइम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, फर्जी दस्तावेज़ों से सिम जारी कर हो रही थी ऑनलाइन ठगी |

CBI ऑपरेशन चक्र, साइबर क्राइम, फर्जी दस्तावेज़, सिम कार्ड फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट स्कैम, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी निवेश, भारत में साइबर ठगी, टेलीकॉम POS   CBI Operation Chakra, cyber crime India, fake documen
ऑपरेशन चक्र
© Google
Nitish Kumar
Nitish Kumar
2 मिनट

CBI Operation Chakra: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के नेतृत्व में चलाए गए ऑपरेशन चक्र के तहत एक बड़े साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। इस अभियान में खुलासा हुआ है कि देश के कई टेलीकॉम एजेंट फर्जी दस्तावेज़ों के ज़रिए सिम कार्ड जारी कर रहे थे, जिनका इस्तेमाल साइबर अपराधों में किया जा रहा था।


CBI ने शनिवार को बिहार समेत आठ राज्यों  में असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु में एक साथ छापेमारी की। उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और राजस्थान से अब तक पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद और संभल तथा मुंबई में भी बड़ी कार्रवाई हुई है।


सूत्रों के अनुसार, जांच में सामने आया है कि कई टेलीकॉम ऑपरेटरों के प्वाइंट ऑफ सेल (POS) केंद्रों से फर्जी KYC दस्तावेज़ों के आधार पर सिम कार्ड बेचे जा रहे थे। इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट स्कैम, UPI फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं, और फेक विज्ञापनों में किया जा रहा था।


CBI ने इन POS केंद्रों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज और फर्जी दस्तावेज़ जब्त किए हैं। जांच एजेंसी अब इस रैकेट से जुड़े अन्य एजेंटों और दलालों की भी तलाश में जुटी है। CBI के अनुसार, यह कार्रवाई केंद्र सरकार की "साइबर क्राइम के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस" नीति का हिस्सा है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी की संभावना जताई गई है।  अगर कोई अनजान व्यक्ति आपसे KYC या OTP की जानकारी मांगता है, तो सावधान रहें। साइबर अपराधियों से बचने के लिए अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से बचें।



टैग्स