1st Bihar Published by: HARERAM DAS Updated Dec 30, 2025, 7:36:19 PM
हत्या की वारदात से सनसनी - फ़ोटो Reporter
Bihar Crime News: बिहार के बेगूसराय जिले से इस वक्त की बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। लोहियानगर थाना क्षेत्र के पन्हास निवासी मोबाइल दुकानदार सुमित कुमार के अपहरण और हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अपहरण के सातवें दिन पुलिस ने सुमित कुमार का शव चेरियाबरियारपुर थाना क्षेत्र के बसही गंडक नदी घाट से बरामद कर लिया है। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है, जबकि परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
23 दिसंबर की रात से था लापता
जानकारी के अनुसार, 23 दिसंबर 2025 की रात सुमित कुमार अपनी मोबाइल दुकान बंद कर घर लौट रहा था, तभी अपराधियों ने उसका अपहरण कर लिया। इस संबंध में 24 दिसंबर को उसके भाई मनोज सिंह ने लोहियानगर थाना में आवेदन देकर सुमित के लापता होने की सूचना दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कांड दर्ज कर जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से हुआ बड़ा खुलासा
जांच के दौरान आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में साफ दिखाई देता है कि एक उजले रंग की स्कॉर्पियो/टोयोटा गाड़ी से आए चार अपराधी सुमित कुमार के साथ मारपीट करते हैं और जबरन उसे गाड़ी में बैठाकर अपहरण कर ले जाते हैं। यह पूरी वारदात लोहियानगर थाना से महज आधा किलोमीटर की दूरी पर अंजाम दी गई, लेकिन उस समय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी।
मामूली विवाद के बाद हत्या
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामूली विवाद के बाद अपराधियों ने सुमित कुमार का अपहरण किया और उसी रात उसकी निर्मम हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को रामपुर घाट के पास बसही स्थित बूढ़ी गंडक नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन चालक प्रकाश कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सुमित कुमार के अपहरण और हत्या की बात कबूल की। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस लगातार गंडक नदी में शव की तलाश कर रही थी।
सात दिन बाद बरामद हुआ शव
आखिरकार 30 दिसंबर की सुबह सुमित कुमार का शव चेरियाबरियारपुर थाना क्षेत्र के बसही स्थित बूढ़ी गंडक नदी से बरामद किया गया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया गया। शव लाए जाने की सूचना मिलते ही पन्हास चौक पर सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। स्थिति को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई।
परिजनों में कोहराम, पुलिस पर उठे सवाल
सुमित कुमार का शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पुलिस ने शुरुआत में ही तत्परता दिखाई होती, तो शायद सुमित की जान बचाई जा सकती थी। लोगों का आरोप है कि थाना के इतने पास से अपहरण की वारदात होने के बावजूद पुलिस समय पर सक्रिय नहीं हुई। फिलहाल इस हत्याकांड में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।