Bihar Bhumi: रैयतों के हित में सरकार का मेगा अभियान- दाखिल खारिज-परिमार्जन के 46 लाख आवेदनों का एक झटके में होगा निबटारा, राजस्व विभाग ने तय की तारीख, जानें...

बिहार में राजस्व महा अभियान के तहत जमा 46 लाख दाखिल-खारिज और परिमार्जन आवेदनों का 31 मार्च 2026 तक निपटारा होगा। प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलों को युद्धस्तर पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

1st Bihar Published by: Viveka Nand Updated Wed, 21 Jan 2026 06:44:12 PM IST

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Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने रैयतों के हित में एक और बड़ा आदेश जारी किया है. राजस्व महा अभियान में दाखिल खारिज/परिमार्जन के मिले 46 लाख आवेदनों को 31 मार्च 2026 तक हर हाल में निपटारा करना है. इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी प्रमंडलीय आयुक्त, समाहर्ता, अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उपसमाहर्ता और अंचल अधिकारियों को पत्र लिखा है .

31 मार्च तक 46 लाख आवेदनों का होगा निबटारा 

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कहा है कि राजस्व महा अभियान का आयोजन 16 अगस्त 2025 से 20 सितंबर 2025 तक किया गया था. जिसमें डिजिटल जमाबंदी में त्रुटि का निराकरण, छुटी हुई जमाबंदी का ऑनलाइन करना, उत्तराधिकारी नामांतरण और, बंटवारा आधारित नामांतरण को लेकर आवेदन लिए गए थे . मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान निर्देश मिला है कि राजस्व महा अभियान में जमा किए गए 46 लाख परिमार्जन/दाखिल खारिज के आवेदनों का युद्धस्तर पर निष्पादन करना है. इसके लिए 31 मार्च 2026 तक डेडलाइन दिया गया है.

सिर्फ परिमार्जन के हैं 40 लाख आवेदन

पत्र में कहा गया है की सबसे पहले राजस्व महाअभियान के दौरान मिले 46 लाख आवेदनों को जिला,अंचल एवं हल्का वार ऑनलाइन दर्ज करना है. इसके बाद परिमार्जन के 40 लाख आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर निबटारा करना है. आवेदन को दो श्रेणी विवादित जिसमें दो पक्ष हों और अविवादित में रखा जाएगा. अविवादित आवेदन का निष्पादन जिला मुख्यालय पर किया जाएगा . 

पंचायत स्तर पर लगेगा शिविर..विवादित मामलों का होगा निबटारा 

विवादित मामलों का निष्पादन शिविर में किया जाएगा. राजस्व सेवा शिविर का आयोजन पंचायत भवन में अंचल अधिकारी एवं संबंधित हल्का के कर्मचारियों के समक्ष की जाएगी. शिविर में ही सुनवाई होगी. अभिलेखों का सत्यापन होगा. इसके बाद आदेश पारित किया जाएगा. एक ही परिवार, खाताधारी से संबंधित मामलों का समेकित निष्पादन किया जाएगा. जिसमें समान परिस्थितियों में समान आदेश का सिद्धांत बरकरार रहेगा .

भूमि मापी का अभियान भी जारी रहेगा 

इसी दौरान भूमि नापी का भी अभियान चलेगा, जिसमें अमीनो की सेवा ली जाएगी. ऐसी स्थिति में अंचल अधिकारी शिविर लगाने एवं अमीन मापी के संबंध में आदेश निकालकर समन्वय स्थापित करेंगे. आवेदन के निपटारों को लेकर समय सीमा भी दिया गया है.सभी वादियों को नोटिस देना अनिवार्य होगा. इसके लिए 15 कार्य दिवस रखा गया है. शिविर में निर्धारित तिथि को सुनवाई के लिए 7 दिवस की अवधि दी गई है. दोनों पक्ष से अभिलेख दाखिल करने के लिए सात दिवस, सकारण आदेश 15 कार्य दिवस में पारित करना है. इस तरह से कुल 45 कार्य दिवस दिया गया है.