1st Bihar Published by: FIRST BIHAR Updated Wed, 21 Jan 2026 03:11:18 PM IST
प्रतिकात्मक - फ़ोटो AI
Bihar News: राजधानी पटना के हार्डिंग पार्क में बन रहे नए रेलवे टर्मिनल का काम लगभग छह महीने के ठहराव के बाद फिर से शुरू हो गया है। इस बार रेलवे ने पूरी तरह नए डिजाइन के साथ निर्माण की रफ्तार बढ़ा दी है। लक्ष्य है कि वर्ष 2029 तक यह टर्मिनल पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए और पटना को एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट हब की सुविधा मिले।
नए डिजाइन के तहत जीपीओ से आर ब्लॉक की ओर जाने वाले फ्लाइओवर को सीधे स्टेशन से जोड़ा जाएगा। हार्डिंग पार्क में एक फुट ओवरब्रिज भी बनाया जाएगा, जो फ्लाइओवर को सीधे रेलवे टर्मिनल से कनेक्ट करेगा। इससे यात्री फ्लाइओवर से उतरते ही स्टेशन परिसर में प्रवेश कर सकेंगे, और शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
जीपीओ गोलंबर की ओर करीब साढ़े सात फुट ऊंची चहारदीवारी का निर्माण भी शुरू कर दिया गया है, ताकि स्टेशन क्षेत्र को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके। निर्माण में तेजी बनाए रखने के लिए रेलवे ने जिला प्रशासन, आरपीएफ और जीआरपी से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया भी शुरू करवा दी है, क्योंकि छह महीने तक काम रुके रहने के कारण हार्डिंग पार्क के आसपास झोपड़ियां और अतिक्रमण तेजी से बढ़ गए थे।
टर्मिनल और वहां से चलने वाली ट्रेनों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए 33 केवी की नई अलग बिजली लाइन बिछाई जाएगी। लगभग 2.5 किलोमीटर लंबी भूमिगत केबल डाली जाएगी, ताकि पटना जंक्शन, रेलवे कॉलोनी और कार्यालयों पर पड़ने वाले लोड का असर नए टर्मिनल पर न पड़े। इससे ट्रेनों के संचालन में किसी भी तरह की रुकावट नहीं आएगी।
हार्डिंग पार्क टर्मिनल का निर्माण दो चरणों में होगा। पहले फेज पर लगभग 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें पांच नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे और लोकल ट्रेनों का संचालन होगा। पहला फेज जून 2027 तक पूरा होने का लक्ष्य है और दूसरा फेज उसके बाद डेढ़ साल में पूरा किया जाएगा। कुल मिलाकर तीन साल में स्टेशन को पूरी तरह विकसित करने की योजना है।
रेलवे का कहना है कि हार्डिंग पार्क टर्मिनल में एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। मेट्रो और सड़क मार्ग से इसकी सीधी कनेक्टिविटी होगी। यह परियोजना अमृत भारत योजना के तहत पटना जंक्शन को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। जगह की कमी के कारण पटना जंक्शन का विस्तार संभव नहीं था, इसलिए हार्डिंग पार्क को वैकल्पिक बड़े टर्मिनल के रूप में विकसित किया जा रहा है।